एलेक्स यंगर, ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI6 के पूर्व प्रमुख, ने हालिया विश्लेषण में दावा किया है कि ईरान वर्तमान संघर्ष में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ रणनीतिक बढ़त हासिल कर रहा है।यह आकलन ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए प्रयासरत है। हालांकि, तेहरान ने इन दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि वह किसी युद्धविराम वार्ता में शामिल नहीं है।एलेक्स यंगर ने ‘द इकोनॉमिस्ट’ से बातचीत में कहा कि ईरान ने युद्ध के मैदान में अप्रत्याशित लचीलापन और रणनीतिक कुशलता दिखाई है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके जैसे कई अधिकारियों ने अपने करियर के दौरान ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गतिविधियों का सामना किया है, लेकिन वर्तमान परिदृश्य में ईरान की रणनीति प्रभावी साबित हो रही है।, ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति को केंद्रीकृत रखने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों में फैलाया है और अलग-अलग यूनिट्स को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की छूट दी है। इसके चलते नेतृत्व पर किसी भी हमले के बावजूद उसकी सैन्य क्षमता प्रभावित नहीं हुई और प्रतिरोध लगातार जारी रहा।यंगर ने बताया कि ईरान ने ‘हॉरिजॉन्टल एस्केलेशन’ की रणनीति अपनाई है, जिसके तहत वह अपने विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए कई मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई कर रहा है। इस रणनीति में ईरान अपनी पहुंच में आने वाले विभिन्न लक्ष्यों पर हमले कर रहा है, जिससे विरोधी पक्ष पर लगातार दबाव बना हुआ है।उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में यह रणनीति अव्यवस्थित प्रतीत होती थी, लेकिन व्यवहार में यह अत्यंत प्रभावी साबित हुई है। इससे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ा है।ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में उपयोग किया है। यह जलमार्ग विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति के लिए अहम है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ा है।विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह रणनीति न केवल क्षेत्रीय संघर्ष को व्यापक बना रही है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी गहरा प्रभाव डाल रही है।समग्र रूप से, यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा परिदृश्य में तेजी से बदलते समीकरणों की ओर संकेत करता है, जहां पारंपरिक युद्ध रणनीतियों के साथ नए दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।