राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग के उन्मूलन हेतु संवेदनशीलता, सहानुभूति और दृढ़ प्रतिबद्धता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल मिशन का कार्य मानवता की सेवा का माध्यम है और यह ईश्वरीय कृपा का भागी बनने का अवसर भी है। श्री पटेल ने मिशन के कार्यों को लक्ष्य से पूर्व पूर्ण करने का आह्वान किया।राज्यपाल श्री पटेल राजभवन में आयोजित सिकल सेल मिशन की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित थे।बैठक में राज्यपाल को अवगत कराया गया कि सिकल सेल मिशन के अंतर्गत 19 जून से 3 जुलाई 2025 तक समस्त ग्राम पंचायतों, एकलव्य आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में मेगा स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में सिकल सेल स्क्रीनिंग जांच की जाएगी। जांच हेतु पीओसी (Point of Care) किट्स का उपयोग आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से लेकर जिला चिकित्सालयों तक किया जाएगा। प्रतिदिन की स्क्रीनिंग रिपोर्ट डिजिटल पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।साथ ही, जेनेटिक काउंसलिंग की व्यवस्था की जाएगी एवं जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड प्रदान किए जाएंगे। ब्लॉक और जिला स्तर पर चिन्हित रोगियों के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों की परामर्श सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।सिकल सेल रोगियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यू.डी.आई.डी. कार्ड प्रदान किए जाएंगे और पेंशन योजना का लाभ भी दिया जाएगा।राज्यपाल श्री पटेल ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि इस कार्य को जन आंदोलन के रूप में संचालित करें और यह सुनिश्चित करें कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँच हो सके।