
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, किसान कल्याण और जनजातीय उत्थान से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में लगभग 5 हजार 960 करोड़ रुपये की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं और परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।बैठक में महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना एवं कल्याणी विवाह सहायता योजना को आगामी पांच वर्षों तक निरंतर संचालित रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से आगामी पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी। योजना के अंतर्गत गरीब, निराश्रित एवं जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्याओं, विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं के सामूहिक विवाह हेतु प्रति हितग्राही 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। पिछले पांच वर्षों में इस योजना के माध्यम से 1 लाख 72 हजार से अधिक हितग्राहियों को लगभग 990 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। मंत्रि-परिषद ने इसे महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य की 225 शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल तथा 300 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नत करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक चरणबद्ध तरीके से प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक विद्यालयों और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 635 करोड़ 24 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करना है। इस निर्णय से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिलेगी तथा विद्यालयों की दूरी के कारण होने वाली ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी आएगी।किसानों को राहत प्रदान करने और कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंत्रि-परिषद ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना के लिए नई शर्तों को मंजूरी दी। अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी। किसानों को वार्षिक सीमा के अंतर्गत ऋण उपलब्ध होगा और समय पर ऋण चुकाने पर अतिरिक्त ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। इस व्यवस्था से किसानों को ऋण प्रबंधन में सुविधा मिलेगी तथा कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में यह योजना वर्ष 2012-13 से सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार करते हुए मंत्रि-परिषद ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने की स्वीकृति दी। यह महाविद्यालय सत्र 2026-27 से प्रारंभ होगा। इसके लिए कुल 17 पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
यह निर्णय विधि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर विधि अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।प्रदेश के गरीब एवं पात्र परिवारों को खाद्यान्न वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन एवं कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगी। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रभावशीलता और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी तथा जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।मंत्रि-परिषद ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास को भी प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विद्युतीकरण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत योजनाओं के तहत देय एसजीएसटी राशि राज्य सरकार द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इस निर्णय से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में विद्युत सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी।बैठक में लिए गए निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण, शिक्षा के विस्तार, किसान हित, सामाजिक सुरक्षा और जनजातीय विकास पर केंद्रित ये फैसले प्रदेश के समावेशी विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे तथा आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होंगे।