मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभा रही है। यह योजना केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में आर्थिक राहत, पर्यावरण संरक्षण और आत्मविश्वास का नया उजाला लेकर आई है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज देशभर में 40 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित हो चुके हैं। इनमें मध्यप्रदेश के 1 लाख 29 हजार 971 घर शामिल हैं। इन घरों में अब स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा के माध्यम से रोशनी पहुंच रही है तथा परिवार बिजली बिल की चिंता से मुक्त होकर राहत महसूस कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्थापित इन सोलर संयंत्रों से 456 मेगावॉट से अधिक स्वच्छ सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इससे न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा योगदान मिल रहा है। यह योजना प्रदेश में हरित ऊर्जा क्रांति का मजबूत आधार बनती जा रही है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार की यह योजना आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। पहले जहां हर महीने बिजली बिल परिवारों की चिंता का कारण बनता था, वहीं अब सौर ऊर्जा से घरों का खर्च कम हो रहा है और लोग बचत भी कर पा रहे हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस योजना के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के राष्ट्रीय पोर्टल के अनुसार प्रदेश के अब तक 1 लाख 34 हजार 436 परिवार योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। हितग्राहियों को अब तक 901.92 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि जारी की जा चुकी है, जिससे लोगों को सोलर पैनल स्थापना में बड़ी आर्थिक सहायता मिली है।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदेश के 6 लाख घरों को ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है और अब तक विभाग को 2 लाख 4 हजार 601 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह योजना केवल ऊर्जा उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का अभियान भी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर एवं ऊर्जा-सशक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनें।