भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सायबर खतरे आज एक अदृश्य दुश्मन के रूप में सामने आए हैं, जिनसे बचाव के लिए जागरूकता, सावधानी और सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सायबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित राज्यव्यापी सायबर जागरूकता अभियान “सेफ क्लिक 2.0” के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। यह अभियान 24 जून से 8 जुलाई तक प्रदेश के 10 संभागों, 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांवों में संचालित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, डीप-फेक, फर्जी प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीच, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी और रैनसमवेयर जैसे सायबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें, बल्कि “रुको, सोचो और फिर कार्रवाई करो” के सिद्धांत को अपनाएं।मुख्यमंत्री ने सायबर जागरूकता अभियान के पोस्टर, स्कूली बच्चों के लिए तैयार बुकलेट और आधिकारिक वीडियो का विमोचन किया तथा सायबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस सायबर अपराधों से निपटने में प्रभावी भूमिका निभा रही है।पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि सायबर अपराधों की रोकथाम के लिए “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के तहत बैंकिंग सुरक्षा, महिला सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा एवं सायबर हेल्पलाइन 1930 के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में सायबर धोखाधड़ी से संबंधित 135 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कर पीड़ितों को राहत दिलाई गई थी।कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।