
भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर शुक्रवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब वर्ग-2 (माध्यमिक) और वर्ग-3 (प्राथमिक) भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर से सैकड़ों अभ्यर्थी पॉलिटेक्निक चौराहे पर एकत्र हुए। प्रारंभ में शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई।अभ्यर्थी अपनी मांगों को सरकार तक सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस द्वारा पहले से की गई बैरिकेडिंग के चलते उन्हें आगे बढ़ने से रोका गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई। घटनास्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्ती बरतते हुए कई अभ्यर्थियों को गाड़ियों में बैठाकर मौके से हटाया। इस कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि उन्हें जबरन खींचकर और धक्का देकर हटाया गया, जबकि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे। कुछ अभ्यर्थियों ने पुलिस पर अनुचित व्यवहार और ज्यादती के आरोप भी लगाए।झड़प के दौरान कई अभ्यर्थी घायल हुए हैं। कुछ को मामूली चोटें आईं, जबकि एक अभ्यर्थी की उंगली फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। घायलों ने पुलिस कार्रवाई को कठोर बताते हुए विरोध जताया।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों की भागीदारी भी रही। पुलिस कार्रवाई के बाद महिला अभ्यर्थियों में भी आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।पुलिस कार्रवाई के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) पहुंच गए, जहां उन्होंने पुनः एकत्र होकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। यहां भी उन्होंने जल्द निर्णय लेने की मांग दोहराई।अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। नवंबर 2025 से अब तक उन्होंने धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और अन्य तरीकों से अपनी मांगें उठाईं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में हजारों शिक्षक पद रिक्त होने के बावजूद भर्ती में बहुत कम पद निकाले गए हैं। उनका कहना है कि कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) में कम से कम 10,000 पद बढ़ाए जाएं
- वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) में पदों की संख्या बढ़ाकर 25,000 की जाए
- विशेष शिक्षकों के लिए अलग से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए
- दूसरी काउंसलिंग प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए
स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।