रिश्वत मामले में अदालत कर्मचारी के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई, हाईकोर्ट में सुनवाई 11 जून को,

दिल्ली उच्च न्यायालय में सोमवार को जमानत के नाम पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोपों से जुड़े एक मामले की सुनवाई हुई। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने अदालत को अवगत कराया कि मामले की जांच में नए तथ्य सामने आए हैं और जांच की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।एसीबी की ओर से अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता श्री संजीव भंडारी ने न्यायमूर्ति तेजस करिया की एकल पीठ को जानकारी दी कि आरोपी मुकेश कुमार की पत्नी, जो स्वयं अदालत में कर्मचारी हैं, अब जांच के दायरे में लाई गई हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भी पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहित माथुर ने एसीबी के तर्कों का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला पैसे के लेन-देन से संबंधित एक शिकायत पर आधारित है, और इस आधार पर उनके मुवक्किल की व्यक्तिगत स्वतंत्रता खतरे में है।उल्लेखनीय है कि एसीबी ने 16 मई 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट में तैनात रहे अहलमद मुकेश कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 7/13 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ आरोपितों से जमानत दिलाने के लिए रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार किया।प्राथमिकी दर्ज करने से पहले एसीबी ने जनवरी 2025 में दिल्ली सरकार के कानून सचिव को पत्र भेजकर न्यायिक अधिकारी की भूमिका की जांच की अनुमति भी मांगी थी।सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता की ओर से ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश को मामले में शामिल करने की बात की गई, तो अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि पीठासीन अधिकारी को दलीलों में न घसीटा जाए।अदालत ने यह भी कहा कि एसीबी द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट का असर गिरफ्तारी-पूर्व जमानत याचिका पर पड़ेगा, और इसी संदर्भ में अब मामले की अगली सुनवाई 11 जून 2025 को निर्धारित की गई है। साथ ही, एसीबी को निर्देश दिया गया है कि वह अतिरिक्त स्थिति रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करे।दिल्ली में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) एक मामले की जांच कर रही है, जिसमें जमानत दिलाने के नाम पर रिश्वत ली गई थी

मुख्य बिंदु:

  • ACB ने दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं
  • आरोपी की पत्नी, जो कि अदालत की कर्मचारी है, अब जांच में शामिल की गई है
  • एसीबी के वकील संजीव भंडारी ने यह तर्क दिया कि आरोपी की पत्नी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं
  • जब याचिकाकर्ता के वकील ने ट्रायल कोर्ट के जज को इस मामले में घसीटने की कोशिश की, तो अदालत ने सख्त चेतावनी दी कि पीठासीन अधिकारी (जज) को दलीलों में शामिल न किया जाए।
  • याचिकाकर्ता मुकेश कुमार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मोहित माथुर ने कोर्ट से आग्रह किया कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई हो।
  • अदालत ने कहा कि जांच रिपोर्ट का अग्रिम जमानत याचिका पर प्रभाव पड़ेगा और इसलिए सुनवाई 11 जून को होगी।
  • ACB को निर्देश दिया गया है कि वह अतिरिक्त स्टेटस रिपोर्ट पेश करे।

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