
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक बार फिर रूस की अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस प्रणाली चर्चा में है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और रूसी सैन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि यूक्रेन ने पहली बार बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए रूस की राजधानी मास्को को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने कथित रूप से इस मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में मार गिराया।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में राजधानी मास्को के आसमान में एक मिसाइल के इंटरसेप्ट होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, यूक्रेन ने भी आधिकारिक तौर पर इस तरह के किसी हमले की पुष्टि नहीं की है।रूसी सैन्य सूत्रों का दावा है कि इस हमले में यूक्रेन ने अपनी नई विकसित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया। कुछ रिपोर्टों में इसे FP-9 मिसाइल बताया गया है, जिसे यूक्रेन के स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम का हिस्सा माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह दावा सही साबित होता है तो यह यूक्रेन की बढ़ती मिसाइल निर्माण क्षमता का संकेत हो सकता है।बताया जाता है कि FP-9 मिसाइल लगभग 850 किलोमीटर तक सटीक हमला करने में सक्षम हो सकती है। इस दूरी के दायरे में मास्को भी आता है, जिससे रूस की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है। इससे पहले यूक्रेन ने नेप्च्यून और FP-5 फ्लेमिंगो जैसी मिसाइलों का विकास किया था, जिनका उपयोग रूस के खिलाफ किया जा चुका है। वहीं FP-7 और FP-9 जैसी नई मिसाइलों का उल्लेख पहली बार वर्ष 2025 के दौरान सामने आया था। पश्चिमी देशों से मिल रही आर्थिक और तकनीकी सहायता के कारण यूक्रेन अपने स्वदेशी रक्षा उद्योग को लगातार मजबूत कर रहा है। इसका उद्देश्य लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली मिसाइलों का विकास करना और रूस पर रणनीतिक दबाव बढ़ाना है।
दूसरी ओर, रूस का S-400 एयर डिफेंस सिस्टम एक बार फिर अपनी क्षमता को लेकर चर्चा में है। इससे पहले भी यह प्रणाली कई बार ड्रोन, क्रूज मिसाइल और अन्य हवाई खतरों को रोकने में प्रभावी मानी गई है। भारत भी अपनी वायु सुरक्षा को मजबूत करने के लिए S-400 प्रणाली का उपयोग कर रहा है।हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं, लेकिन रूस के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार बढ़ते आत्मघाती ड्रोन हमले बने हुए हैं। कम लागत वाले विस्फोटक ड्रोन युद्ध की रणनीति बदल रहे हैं और दुनिया भर की सेनाएं इनके खिलाफ प्रभावी सुरक्षा प्रणाली विकसित करने में जुटी हैं।फिलहाल मास्को पर कथित मिसाइल हमले को लेकर रूस और यूक्रेन की ओर से आधिकारिक स्तर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इस घटना से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिर भी यह घटनाक्रम इस बात का संकेत देता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में लंबी दूरी की मिसाइलों और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।