मध्यप्रदेश में शहरी परिवहन अब और अधिक हरित, स्वच्छ और आधुनिक बनने जा रहा है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के 8 प्रमुख नगर निगमों — भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, देवास और सतना — को कुल 972 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की स्वीकृति प्रदान की है। यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रयासों को नई दिशा देगा।ई-बसों के संचालन से डीजल और पेट्रोल चालित वाहनों से होने वाले प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे शहरों की वायु गुणवत्ता बेहतर होगी और नागरिकों को स्वच्छ, शांत और आरामदायक परिवहन का अनुभव मिलेगा। भोपाल को 195, इंदौर को 270, ग्वालियर को 100, जबलपुर को 200, उज्जैन को 100, सागर को 32, देवास को 55, और सतना को 20 ई-बसें आवंटित की गई हैं।राज्य सरकार ने सभी नगर निगमों को बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन निर्माण शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। परियोजना का व्यय केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी — जिसमें केंद्र का योगदान 60 प्रतिशत तथा राज्य का 40 प्रतिशत रहेगा। वहीं चार्जिंग पॉइंट्स के निर्माण पर केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।