
भोपाल, 23 मार्च 2026 — डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य के समग्र विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में 6,940 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों तथा योजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति प्रदान की गई।मंत्रि-परिषद ने शासकीय सेवकों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सातवें वेतनमान के अंतर्गत महंगाई भत्ता बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है। यह निर्णय लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित होगा। एरियर राशि का भुगतान 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि के लिए छह समान किश्तों में मई से अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा, जबकि सेवानिवृत्त और दिवंगत कर्मचारियों के मामलों में यह राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी।कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना को 82 करोड़ 39 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से लगभग 4500 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और जवा एवं त्योंथर तहसील के 18 गांवों के करीब 950 कृषक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। यह योजना क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने में सहायक होगी।युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंत्रि-परिषद ने अन्य पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों के लिए ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026’ के संचालन को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत प्रतिवर्ष 4000 युवाओं को सैन्य और अर्धसैनिक बलों सहित पुलिस एवं सुरक्षा सेवाओं में भर्ती के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 रुपये और महिला अभ्यर्थियों को 1100 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। साथ ही, नि:शुल्क आवास, भोजन और अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में न्यूनतम 35 प्रतिशत सीटें महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होंगी।
सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत संचालित संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की स्वीकृति दी गई है। यह निर्णय शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और शिक्षकों को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।इसके अतिरिक्त, आंगनवाड़ी केंद्रों में अति कम वजन (SUW) के बच्चों के लिए पूरक पोषण आहार की राशि को 8 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रतिदिन प्रति हितग्राही करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम कुपोषण से लड़ने और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।विकास कार्यों के अंतर्गत विभिन्न विभागों की योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई है। इसमें अधोसंरचना विकास, शासकीय भवनों का निर्माण, जनजातीय कल्याण योजनाएं, खाद्य वितरण प्रणाली और उपभोक्ता संरक्षण से संबंधित अनेक योजनाएं शामिल हैं।समग्र रूप से, मंत्रि-परिषद के ये निर्णय राज्य में विकास की गति को तेज करने, किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को सुधारने तथा सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं।