मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं राष्ट्र जागरण के प्रणेता, श्रद्धेय लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने तिलक जी के प्रेरणादायी जीवन और संघर्ष को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र को स्वतंत्रता की राह दिखाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने ही पहली बार सम्पूर्ण स्वराज का नारा बुलंद किया और भारतीय जनमानस में स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनका प्रसिद्ध वाक्य “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। तिलक जी ने अपने लेखन, भाषणों और सामाजिक आंदोलनों के माध्यम से जनचेतना का संचार किया और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि तिलक का योगदान केवल स्वतंत्रता आंदोलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने समाज सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके द्वारा प्रारंभ किए गए सार्वजनिक गणेशोत्सव ने जनमानस को एकजुट करने में बड़ी भूमिका निभाई। उनका जीवन देशभक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।डॉ. यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक के आदर्श आज भी हमें राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हम सभी को उनके विचारों को आत्मसात कर समाज और देश की उन्नति के लिए समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।