
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद में आयोजित कार्यक्रम में झिंझरी और बहोरीबंद में निर्मित अत्याधुनिक सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति सभी के प्रति मैत्री, समरसता और लोककल्याण का संदेश देती है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग समाज में समानता, आत्मीयता और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम में शिक्षा प्राप्त कर 64 कलाओं और 14 विद्याओं में पारंगत होकर शिक्षा के महत्व को स्थापित किया। इसी प्रेरणा से प्रदेश सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल शिक्षण व्यवस्था तथा गुरुकुल परंपरा और आधुनिक तकनीक का समन्वय देखने को मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के शासकीय सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया केंद्र बन रहे हैं। बेहतर सुविधाओं के कारण अनेक विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। राज्य सरकार विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिल, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप तथा विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी उपलब्ध करा रही है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में इस वर्ष गुरुपूर्णिमा महोत्सव भी भव्य रूप से मनाया जाएगा तथा शिक्षा जगत में गुरु परंपरा को सम्मान देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के लिए “कुलगुरु” संबोधन की परंपरा प्रारंभ की गई है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने झिंझरी में लगभग 38 करोड़ 61 लाख रुपये तथा बहोरीबंद में 35 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ये विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित हैं और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्लीमनाबाद टनल परियोजना को किसान कल्याण वर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अनेक ऐतिहासिक विकास कार्य हुए हैं और मध्यप्रदेश भी विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि लगभग 1,400 करोड़ रुपये की लागत वाली स्लीमनाबाद टनल परियोजना से रीवा, सतना, मैहर, पन्ना और कटनी जिलों में सिंचाई तथा पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। इससे बघेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्र के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से दमोह, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, विदिशा सहित अनेक जिलों के किसानों को लाभ मिलेगा, जबकि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना से मालवा और चंबल अंचल में सिंचाई एवं पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही कटनी में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित कर स्लीमनाबाद टनल परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि विधानसभा के आगामी वर्षाकालीन सत्र से पूर्व भोपाल के निकट स्थित जगदीशपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित कर यूसीसी के प्रारूप को अनुमोदन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आगामी रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये की राशि अंतरित की जाएगी।कार्यक्रम को सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद श्री गणेश सिंह, विधायक श्री संजय पाठक, विधायक श्री वीरेंद्र सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।