नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026। भारत को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने Semicon 2.0 योजना को औपचारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। इस योजना के लिए करीब 1.27 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

नई योजना का उद्देश्य केवल चिप बनाने तक सीमित नहीं है। इसके तहत चिप डिजाइन, निर्माण, पैकेजिंग, टेस्टिंग, सेमीकंडक्टर उपकरण और जरूरी सामग्री के साथ-साथ रिसर्च और कुशल तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार Semicon 2.0 के जरिए भारत में सेमीकंडक्टर की पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। इससे देश में घरेलू कंपनियों, स्टार्टअप और अन्य संस्थानों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
योजना में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चिप्स के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उत्पादों की पहचान करेगी।
सरकार का लक्ष्य देश में सेमीकंडक्टर तकनीक की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करना और भारत को वैश्विक चिप उद्योग की अहम कड़ी बनाना है। Semicon 2.0 के तहत आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में निवेश, तकनीकी विकास और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।