भोपाल। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास और परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अधोसंरचना और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का निरंतर प्रशिक्षण, शोध और नई तकनीकों का उपयोग समय की आवश्यकता है।डॉ. माणिक साहा भोपाल में आयोजित एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (AOMSI) के 28वें मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस एवं 14वें पीजी कन्वेंशन MIDCOMS 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. साहा और मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।अपने संबोधन में डॉ. साहा ने कहा कि ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी चिकित्सा का अत्यंत विशेषज्ञता वाला क्षेत्र है, जिसमें लगातार बदलती तकनीकों और उपचार पद्धतियों से जुड़े रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय सम्मेलन विशेषज्ञ चिकित्सकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर ज्ञान और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।त्रिपुरा में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या में कई गुना वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा राज्य ने जीएसटी संग्रह, कानून-व्यवस्था और अन्य विकास संकेतकों में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उनका कहना था कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा विकसित भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का स्वास्थ्य क्षेत्र तेजी से आधुनिक हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार, टेलीमेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्वास्थ्य सेवाएं और आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना भारत के स्वास्थ्य तंत्र को नई दिशा दे रही हैं।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों, ट्रॉमा केयर सुविधाओं और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि MIDCOMS 2026 जैसे राष्ट्रीय सम्मेलन युवा सर्जनों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए सीखने का उत्कृष्ट मंच हैं, जहां उन्हें देश के वरिष्ठ विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त होता है। इससे वे आधुनिक तकनीकों, शोध और नवाचार से जुड़कर अधिक दक्ष और संवेदनशील चिकित्सक बन सकते हैं।सम्मेलन में AOMSI के अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। पीपुल्स ग्रुप के वाइस चेयरमैन रोहित पंडित तथा AOMSI के महासचिव डॉ. कलारामन बालारामन ने भी सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डाला।तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से 1,300 से अधिक ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन, विशेषज्ञ, शिक्षक, स्नातकोत्तर विद्यार्थी और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम शोध, आधुनिक तकनीकों, प्रशिक्षण, नवाचार और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सम्मेलन चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ-साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।