नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi से बुधवार को संसद भवन स्थित उनके कार्यालय में मध्यप्रदेश के राज्यपाल Mangubhai Patel ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री का पुष्प-गुच्छ भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया। मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसमें सांस्कृतिक विरासत, अंतरराष्ट्रीय संबंधों तथा राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।भेंट के दौरान राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को श्रीलंका से विशेष रूप से लाई गई भगवान बुद्ध की पवित्र प्रतिमा स्मृति स्वरूप भेंट की। यह प्रतिमा भारत और श्रीलंका के बीच प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर राज्यपाल ने अपनी हाल ही में सम्पन्न श्रीलंका यात्रा का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने भारतीय प्रतिनिधि मंडल के साथ पवित्र बौद्ध अवशेषों को भारत वापस लाने की ऐतिहासिक प्रक्रिया में सहभागिता निभाई।राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री को इस यात्रा के अनुभवों और महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इस दौरान दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के प्रयासों पर भी बल दिया गया।इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को अपनी यात्रा के विवरण पर आधारित पुस्तक “बुद्ध धरोहर की सांस्कृतिक यात्रा भारत से श्रीलंका” भी भेंट की। इस पुस्तक में भारत और श्रीलंका के बीच बौद्ध परंपरा, ऐतिहासिक संबंधों तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान का विस्तृत वर्णन किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस पुस्तक के लिए राज्यपाल की सराहना की और इसे सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।भेंट के दौरान राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री को मध्यप्रदेश राज्य की वर्तमान प्रगति, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। उन्होंने राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा उद्योग क्षेत्रों में हो रही प्रगति से अवगत कराया। साथ ही राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्यपाल द्वारा साझा की गई जानकारी में गहरी रुचि दिखाई और राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

यह शिष्टाचार भेंट न केवल औपचारिकता का प्रतीक रही, बल्कि इसमें सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और राज्य के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद भी हुआ। यह मुलाकात भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और विकासशील दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।