
रूस ने भारत को अपने नवीनतम और अत्याधुनिक सिंगल-इंजन स्टील्थ फाइटर जेट Su-75 चेकमेट का औपचारिक ऑफर दिया है। यह ऑफर उस समय आया है जब रूस ने कुछ समय पहले भारत को अपने Su-57 फाइटर जेट के लिए भी प्रस्ताव भेजा था। रूस का यह नया प्रस्ताव भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह ऑफर ऐसे समय पर आया है जब दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। पुतिन नई दिल्ली में होने वाले भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं।Su-75 चेकमेट एक हाई-टेक, सिंगल-इंजन, लाइट कॉम्बैट स्टील्थ एयरक्राफ्ट है, जिसे रूस आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित कर रहा है। इसे 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की श्रेणी में रखा जाता है, और इसे कम लागत, उच्च मारक क्षमता और उन्नत स्टील्थ फीचर्स के लिए जाना जाता हैभारत की सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने पहले ही संकेत दिए थे कि वह Su-75 चेकमेट के विकास में रूस के साथ सहयोग करने में रुचि रखती है। HAL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा था कि भारत और रूस के तकनीकी संबंध दशकों से बेहद मजबूत रहे हैं।उन्होंने बताया कि “हम रूस के साथ काम करने में बहुत सहज हैं। भारत और रूस के बीच संबंध मिग-21 और Su-30MKI जैसे प्रतिष्ठित विमानों के सफल सह-उत्पादन पर आधारित हैं। रूसी विशेषज्ञ हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सहयोगी रहे हैं और दोनों देशों के बीच लगातार तकनीकी आदान-प्रदान होता रहता है।”HAL की यह खुली दिलचस्पी स्पष्ट करती है कि भारत इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीरता से विचार कर सकता है। यह संभावित सहयोग भारत को भविष्य में अत्याधुनिक लड़ाकू विमान विकसित करने और घरेलू रक्षा उत्पादन को और सशक्त बनाने में मदद करेगा।
Su-75 चेकमेट: रूस तैयार कर रहा उड़ान से पहले का बेंच टेस्ट
Su-75 चेकमेट को विकसित कर रही कंपनी सुखोई की पैरेंट कंपनी रोस्टेक के सीईओ सर्गेई चेमेजोव ने दुबई एयरशो में बताया कि कंपनी जल्द ही इस विमान का बेंच टेस्ट शुरू करने जा रही है।
उन्होंने कहा:
“एक नए विमान को विकसित करने में आमतौर पर 10 से 15 साल लगते हैं। हमारा विमान उड़ान के लिए तैयार होने के करीब है और जल्द ही इसका बेंच परीक्षण शुरू होगा।”
चेमेजोव ने यह भी कहा कि इस विमान की वैश्विक मांग बढ़ने की संभावनाएं हैं क्योंकि यह तकनीकी रूप से उन्नत होने के साथ-साथ लागत के मामले में भी किफायती है। उन्होंने कहा कि चेकमेट हवा और जमीन—दोनों तरह के लक्ष्यों को आसानी से नष्ट करने में सक्षम होगा।
उनके अनुसार,
“दक्षता, कीमत और गुणवत्ता के मामले में Su-75 बेहद प्रतिस्पर्धी विमान है।”
क्यों महत्वपूर्ण है रूस का यह ऑफर?
भारत अपनी वायुसेना को अगले दशक के लिए मजबूत और उन्नत तकनीक से लैस करने की दिशा में काम कर रहा है। इस संदर्भ में Su-75 एक रणनीतिक विकल्प बन सकता है।
मुख्य कारण:
- सिंगल इंजन स्टील्थ फाइटर: कम लागत में उच्च क्षमता वाला विकल्प
- 5th जेनरेशन फीचर्स: कम रडार सिग्नेचर, हाई-टेक एवियोनिक्स
- हाई वेपन लोड कैपेसिटी: हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह की मारक क्षमता
- HAL के साथ को-डेवलपमेंट की संभावनाएँ
- भारत–रूस रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय
भारत की वायुसेना ने भविष्य में सिंगल-इंजन स्टील्थ फाइटर की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। ऐसे में Su-75 चेकमेट एक संभावित समाधान के रूप में उभरता है।
पुतिन के दौरे से पहले बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता
रूस का यह ऑफर सिर्फ रक्षा क्षेत्र के संदर्भ में ही नहीं, बल्कि राजनयिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। पुतिन का भारत दौरा कई सामरिक और रणनीतिक समझौतों को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। Su-75 पर चर्चा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के एजेंडा में प्रमुख स्थान पा सकती है।भारत और रूस दशकों से रक्षा साझेदारी के भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। Su-75 ऑफर इसी निरंतर संबंध का नया संकेत है। संभव है कि आने वाले महीनों में इस प्रोजेक्ट पर दोनों देशों के बीच औपचारिक वार्ता तेज हो जाए।