आधार कार्ड से जुड़ी एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) आधार कार्ड के प्रारूप में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित बदलाव के बाद आधार कार्ड पर सिर्फ फोटो और QR कोड दिखाई दे सकता है, जबकि कार्ड पर छपी जानकारी—जैसे नाम, पता, उम्र और अन्य व्यक्तिगत विवरण—हटाने पर विचार किया जा रहा है।

UIDAI का मानना है कि आज के समय में आधार का असली सत्यापन छपे हुए डेटा से नहीं, बल्कि सिक्योर QR कोड या ऑनलाइन वेरिफिकेशन के माध्यम से होता है। ऐसे में कार्ड पर व्यक्तिगत जानकारी छपे होने से सुरक्षा जोखिम बढ़ जाते हैं—जैसे पहचान की चोरी, फर्जीवाड़ा या व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग।
अथॉरिटी का तर्क है कि अगर कार्ड पर सिर्फ फोटो और QR कोड रहेंगे, तो
- किसी भी एजेंसी या संस्थान को पहचान की पुष्टि करने के लिए QR कोड स्कैन करना होगा
- इससे व्यक्ति की जानकारी सुरक्षित रहेगी
- डेटा लीक की संभावना काफी कम हो जाएगी
- और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया और अधिक आधुनिक और सुरक्षित हो जाएगी
UIDAI के अनुसार, डिजिटल और सुरक्षित वेरिफिकेशन सिस्टम पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुआ है। मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक के माध्यम से ऑथेंटिकेशन पहले से ही अनिवार्य है, इसलिए कार्ड पर लिखा डेटा अब कम उपयोग में आता है। कई विशेषज्ञ भी मानते हैं कि वर्तमान डिजिटल दौर में छपे हुए डिटेल्स की जरूरत घट रही है और यही कारण है कि UIDAI कार्ड को “स्मार्ट और सुरक्षित” बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
हालांकि, यह बदलाव अभी विचाराधीन है और अंतिम निर्णय के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी भी आवश्यक होगी। अगर यह प्रस्ताव लागू किया जाता है, तो देशभर में करोड़ों आधार कार्ड के फॉर्मेट में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।
साथ ही, यह भी संभावना है कि UIDAI एक नया कार्ड डिज़ाइन जारी करे, जबकि पुराने कार्ड भी QR कोड आधारित वेरिफिकेशन के चलते मान्य बने रहेंगे।
इस प्रस्ताव को लेकर जनता, संस्थानों और डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे डेटा प्राइवेसी बढ़ाने वाला कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि ऑफ़लाइन वेरिफिकेशन में इससे दिक्कत बढ़ सकती है।
फिलहाल, UIDAI इस मॉडल पर स्टेकहोल्डर्स की राय ले रहा है। अंतिम फैसला आने के बाद ही आधार कार्ड का नया स्वरूप लागू किया जाएगा।