दतिया, 24 मार्च 2026 — डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और हर संकट की घड़ी में देशवासियों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भगवान श्री बलराम को नमन करते हुए कहा कि किसान देश के भाग्य विधाता हैं, जो अपने परिश्रम से पूरे समाज का भरण-पोषण करते हैं। वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाते हुए राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दतिया जिले को 62.23 करोड़ रुपये की लागत के 12 विकास कार्यों की सौगात दी, जिनमें सांदीपनि विद्यालय, रतनगढ़ में यात्री निवास, स्टेडियम सहित अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन शामिल है। साथ ही किसानों को कृषि यंत्र, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े हितलाभ भी वितरित किए गए।मुख्यमंत्री ने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि खेती के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर आय को दोगुना किया जा सकता है। उन्होंने नरवाई प्रबंधन में मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देते हुए कहा कि अब किसान भूसा बनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि राज्य में सिंचाई का रकबा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है और केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट दूर किया जाएगा। इससे क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और पलायन की समस्या समाप्त होगी।लघु एवं सीमांत किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जहां से वे कृषि यंत्र किराये पर प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 25 गायों की इकाई स्थापित करने पर 40 लाख रुपये तक की सहायता में 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार दूध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।उन्होंने बताया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन के साथ अब सरसों को भी शामिल किया गया है। गेहूं उत्पादक किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है और भविष्य में 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रही है। विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस, साइकिल, लैपटॉप और स्कूटी प्रदान की जा रही हैं तथा यशोदा योजना के तहत बच्चों को दूध भी उपलब्ध कराया जाएगा। लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता दी जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें कृषि, पशुपालन, प्राकृतिक खेती और पराली प्रबंधन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही। सम्मेलन के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया और विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।