गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

भोपाल में NAQUIM विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित, भूजल प्रबंधन पर जोर,

भोपाल, 23 मार्च 2026 — केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (CGWB), उत्तर मध्य क्षेत्र, भोपाल द्वारा “राष्ट्रीय एक्वीफर मानचित्रण एवं प्रबंधन (NAQUIM)” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि एवं छात्र-छात्राओं सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य NAQUIM अध्ययन के निष्कर्षों और जलभूवैज्ञानिक आंकड़ों का प्रभावी प्रसार करना तथा उनके उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसके माध्यम से वैज्ञानिक भूजल प्रबंधन, जलस्रोत आधारित योजना निर्माण और सतत भूजल विकास की दिशा में समझ विकसित करने पर बल दिया गया। साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ कर प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रयास किए गए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजेंद्र शुक्ला उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में राज्य में भूजल के वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए जल संरक्षण और सतत उपयोग के लिए समन्वित प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने जल की गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया तथा इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि भूजल प्रबंधन को ग्राम पंचायत स्तर तक लागू किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण के प्रयास प्रभावी बन सकें।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने “अदृश्य खजाना: भूजल” विषयक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया, जिसमें कार्यशील मॉडलों के माध्यम से CGWB की विभिन्न गतिविधियों और तकनीकी प्रक्रियाओं को प्रदर्शित किया गया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री अवि प्रसाद (आईएएस), आयुक्त मनरेगा, डॉ. पी.के. वर्मा, कुलपति, महर्षि विश्वविद्यालय जबलपुर, श्री एस.के. अंधवान, प्रमुख अभियंता (जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन) तथा श्री पी.के. जैन, केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के पूर्व सदस्य उपस्थित रहे।इस अवसर पर मध्यप्रदेश के लिए तैयार NAQUIM वॉल्यूम, भूजल संसाधन आकलन 2025 रिपोर्ट तथा रतलाम जिले के जावरा एवं पिपलोदा ब्लॉकों की जल संकटग्रस्त ग्राम पंचायतों की 1:10,000 पैमाने पर तैयार रिपोर्ट एवं मानचित्र का विमोचन किया गया। ये रिपोर्ट राज्य के एक्वीफरों की वैज्ञानिक जानकारी, भूजल की उपलब्धता एवं गुणवत्ता का व्यापक आकलन प्रस्तुत करती हैं और क्षेत्र-विशिष्ट भूजल प्रबंधन योजनाओं के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा एक्वीफर मानचित्रण, भूजल गुणवत्ता, जल स्तर निगरानी तथा प्रबंधन रणनीतियों पर तकनीकी प्रस्तुतियां दी गईं। इसमें यह स्पष्ट किया गया कि भूजल के सतत प्रबंधन के लिए कृत्रिम पुनर्भरण (Artificial Recharge) और मांग-पक्ष प्रबंधन (Demand-side Management) जैसे उपायों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है

।अंत में, क्षेत्रीय निदेशक श्री ए.के. बिस्वाल ने कहा कि NAQUIM कार्यक्रम “अपने एक्वीफर को जानें और उसका प्रबंधन करें” की अवधारणा पर आधारित है, जो राज्य में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के सक्रिय संवाद और राज्य में भूजल के सतत एवं सहभागी प्रबंधन के संकल्प के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *