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ट्विशा शर्मा मौत मामला: सच की तलाश में जुटी सीबीआई, परिवार को इंसाफ का इंतजार,

भोपाल। पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथों में पहुंच गया है। मंगलवार को सीबीआई की विशेष टीम इस मामले की जांच के सिलसिले में भोपाल के कटारा हिल्स स्थित सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के निवास पर पहुंची। टीम में महिला अधिकारी भी शामिल थीं। जांच के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी भी मौके पर मौजूद रहे। मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा कथित रूप से फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं। इस घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। शुरुआती जांच के बाद मामला लगातार चर्चा में बना रहा और अब सीबीआई ने इसे अपने हाथ में लेकर जांच तेज कर दी है।सीबीआई ने ट्विशा के पति अधिवक्ता समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसी ने राज्य पुलिस द्वारा दर्ज मामले को पुनः पंजीबद्ध करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु), धारा 85 (महिला के साथ क्रूरता) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं को शामिल किया है।ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। परिवार का कहना है कि विवाह में दिए गए दहेज से ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं था और इसी कारण उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। परिजनों के अनुसार घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न ने ट्विशा को अंदर तक तोड़ दिया था।वहीं दूसरी ओर, गिरिबाला सिंह ने कई मीडिया इंटरव्यू में ट्विशा की मानसिक स्थिति और उनके इलाज को लेकर सवाल उठाए हैं। मामले में नया मोड़ तब आया जब समर्थ सिंह करीब 10 दिनों तक फरार रहने के बाद जबलपुर से गिरफ्तार किए गए। भोपाल की अदालत ने उन्हें सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने भोपाल में ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम किया। ट्विशा के माता-पिता ने स्थानीय जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।परिजन अब घर और अस्पताल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं। विशेष रूप से 12 मई की रात ट्विशा को अस्पताल ले जाने के दौरान के फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को जांच में बेहद अहम माना जा रहा है। परिवार का कहना है कि इन्हीं साक्ष्यों से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है।दिल्ली एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में आने की संभावना है। जांच एजेंसियां इस रिपोर्ट को बेहद महत्वपूर्ण मान रही हैं। यदि रिपोर्ट में हत्या या किसी तरह की आपराधिक साजिश की पुष्टि होती है, तो सीबीआई उसी आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।इस पूरे मामले ने एक बार फिर दहेज, घरेलू हिंसा और महिलाओं की मानसिक सुरक्षा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल ट्विशा का परिवार सिर्फ एक निष्पक्ष जांच और इंसाफ की उम्मीद में है।

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