मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर जिले के बरगी डैम में हुए क्रूज़ हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक बताया है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया तथा पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनकी क्षति की भरपाई संभव नहीं है, किंतु सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ है और उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।दुर्घटना में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए क्रूज़ पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही होटल मैकल रिसॉर्ट एवं बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित किया गया है तथा रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।मुख्यमंत्री ने दुर्घटना की विस्तृत जांच हेतु उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस समिति में महानिदेशक होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, राज्य शासन के सचिव तथा आयुक्त जबलपुर संभाग शामिल होंगे। समिति दुर्घटना के कारणों, क्रूज़ संचालन की प्रक्रियाओं एवं सुरक्षा मानकों की गहन जांच करेगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। साथ ही, भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु पर्यटन विभाग के माध्यम से क्रूज़ संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस हादसे में 9 लोगों की असमय मृत्यु हुई है, जबकि त्वरित कार्रवाई के चलते 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमों की सराहना करते हुए कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय सेना के गोताखोरों तथा जिला प्रशासन की तत्परता से कई जिंदगियां बचाई जा सकीं। उन्होंने बताया कि कुछ लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी खोज के लिए रेस्क्यू अभियान निरंतर जारी है।
मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे श्रमिकों और दलों के उत्साहवर्धन हेतु प्रत्येक को 51-51 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। साथ ही सभी बचावकर्मियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने की भी घोषणा की गई है।उन्होंने एक विशेष घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि पीड़ित रियाज, जो कई घंटों तक पानी में फंसे रहे, को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। यह बचाव अभियान टीम की साहस और प्रतिबद्धता का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए तथा राज्य सरकार द्वारा 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें, जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।मुख्यमंत्री ने राहत कार्य में सहयोग देने वाले जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों एवं मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से संकट की इस घड़ी में त्वरित कार्रवाई संभव हो पाई।