
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल है और सरकार उनकी उन्नति, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने यह बात मंडला जिले के बिछिया विकासखंड के कन्हारीकला में आयोजित दुधारू पशु वितरण एवं स्वास्थ्य शिविर में जनसमूह को संबोधित करते हुए कही।राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं जनजातीय समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने हितग्राहियों से अपील की कि दुधारू पशुओं से प्राप्त दूध का उपयोग पहले बच्चों के पोषण के लिए करें और अतिरिक्त दूध को बेचकर आय बढ़ाएं। साथ ही पशुओं की देखभाल बच्चों की तरह करने, समय पर चारा-पानी और उपचार का ध्यान रखने की सलाह दी।उन्होंने प्रदेश में चल रहे सिकलसेल जांच अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक एक करोड़ 28 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है। राज्यपाल ने जेनेटिक कार्ड को बीमारी की रोकथाम का प्रभावी माध्यम बताते हुए विवाह पूर्व मिलान की सलाह दी। उन्होंने नवजात शिशुओं की समय पर जांच के महत्व पर भी जोर दिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं से जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में राज्यपाल ने बैगा जनजातीय नृत्य की सराहना करते हुए जनजातीय संस्कृति के संरक्षण को सभी की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य शिविर, पशु मेला एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा गो-पूजन कर पारंपरिक आस्था का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के समग्र विकास में आंगनवाड़ी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और जल संरक्षण व पौधारोपण पर भी बल दिया।राज्यपाल के आंगनवाड़ी आगमन पर आत्मीय वातावरण देखने को मिला। नन्ही बालिका प्रिया भारतीय एवं राज्यमंत्री श्री लखन पटेल के साथ जन्मदिवस का उत्सव मनाया गया। राज्यपाल ने परिसर में अशोक का पौधा रोपित किया।
इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय समाज तक पहुंच रहा है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करते हुए पशुपालन को आय का प्रमुख साधन बताया।पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कार्यक्रम को जनजातीय विकास की दिशा में एक नई शुरुआत बताया और पशुपालन को रोजगार एवं स्वास्थ्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल श्री पटेल ने मंडला, डिंडौरी एवं बालाघाट जिलों के कुल 94 बैगा जनजाति के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के अंतर्गत पशु वितरित किए। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, टीबी फूड बास्केट, एचवीपी प्रमाण पत्र एवं वन काष्ठ लाभांश भी प्रदान किए गए।कार्यक्रम में बैगा समाज के प्रतिनिधियों द्वारा राज्यपाल का पारंपरिक सम्मान किया गया। यह आयोजन जनजातीय समाज के विकास, सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।