आधुनिक युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका और उन्हें निशाना बनाने वाली उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों के बीच इजरायल ने ड्रोन सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। इजरायली रक्षा कंपनी Rafael Advanced Defense Systems ने एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम “स्टॉर्म शील्ड” पेश किया है, जिसे विशेष रूप से मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) को दुश्मन के हमलों से बचाने के लिए विकसित किया गया है। इस नई प्रणाली का प्रदर्शन हेलसिंकी में आयोजित इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सम्मेलन में किया गया। “स्टॉर्म शील्ड” को ऐसे चुनौतीपूर्ण युद्धक्षेत्रों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां एंटी-एक्सेस/एरिया-डेनायल (A2/AD) जैसी आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय रहती हैं। यह सिस्टम ड्रोन को उन परिस्थितियों में भी सुरक्षित संचालन की क्षमता प्रदान करेगा, जहां पारंपरिक UAV अक्सर असुरक्षित साबित होते हैं। हाल के वर्षों में ड्रोन तकनीक सेंसर, ऑटोमेशन और स्वायत्त संचालन के मामले में काफी उन्नत हुई है, लेकिन आधुनिक रडार नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-मेजर सिस्टम्स के सामने उनकी सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। “स्टॉर्म शील्ड” इसी चुनौती का समाधान देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।यह सिस्टम एक हल्का, स्वायत्त और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक चेतावनी सूट है, जो लगातार विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम की निगरानी करता है। दुश्मन की गतिविधि का पता चलते ही यह तत्काल प्रतिक्रिया देता है। इसकी 360-डिग्री कवरेज क्षमता ड्रोन को हर दिशा से आने वाले खतरों से सुरक्षा प्रदान करती है, जो विशेष रूप से ISR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस एंड रिकॉनिसेंस) और स्ट्राइक मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।“स्टॉर्म शील्ड” AESA आधारित ट्रांसमीटर और डिजिटल RF मेमोरी तकनीक पर आधारित है। यही तकनीक राफेल की पहले से मौजूद “लाइट शील्ड”, “स्काई शील्ड” और “एक्स-गार्ड” जैसी उन्नत रक्षा प्रणालियों में इस्तेमाल की जाती रही है। अब इन्हीं युद्ध-प्रमाणित तकनीकों को छोटे आकार और कम वजन वाले ड्रोन प्लेटफॉर्म के अनुरूप विकसित किया गया है।इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता इसका मॉड्यूलर और पूरी तरह प्रोग्रामेबल डिजाइन है, जिससे इसे अलग-अलग मिशन और विभिन्न प्रकार के UAVs के अनुरूप आसानी से कॉन्फिगर किया जा सकता है। इसकी व्यापक फ्रीक्वेंसी कवरेज क्षमता विभिन्न रडार-आधारित खतरों की पहचान और जवाब देने में सक्षम बनाती है। हालिया संघर्षों में ड्रोन को हुए नुकसान ने इस प्रकार की सुरक्षा तकनीकों की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है। ईरान के साथ हालिया तनाव के दौरान कई अमेरिकी और इजरायली ड्रोन मार गिराए गए थे, जिनमें अमेरिकी MQ-9 Reaper जैसे महंगे UAV भी शामिल थे। एक MQ-9 रीपर ड्रोन की कीमत लगभग 30 मिलियन डॉलर बताई जाती है। आधुनिक युद्धक्षेत्र में तेजी से उभरती इलेक्ट्रॉनिक और वायु रक्षा क्षमताओं के बीच “स्टॉर्म शील्ड” जैसी तकनीकें भविष्य के ड्रोन अभियानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। इजरायल की यह नई पहल न केवल ड्रोन सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि मानवरहित युद्ध प्रणालियों के भविष्य को भी नई दिशा दे सकती है।