
सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता भी जाहिर की।डॉ. यादव ने सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाए। साथ ही सागर जिले के आसपास और सीमावर्ती इलाकों में भी गहन जांच की जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपराध और असामाजिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जहां भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले, वहां तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हालांकि उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो तथा किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान न किया जाए।
अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए अफवाह फैलाकर क्षेत्र की शांति एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जानबूझकर अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई की जाए।
नशा मुक्ति अभियान को मिलेगी गति
डॉ. यादव ने कहा कि अवैध शराब और नशे के खिलाफ केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। समाज को भी इस अभियान से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और नशा मुक्ति के क्षेत्र में काम कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए शासन के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है। प्रदेशभर में नशा मुक्ति अभियान को गति देने के निर्देश दिए गए हैं।
कठोर कानून के तहत होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अवैध शराब से जुड़े गंभीर मामलों में कठोर कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून के दायरे में आने वाले मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध अतिक्रमण या अवैध गतिविधियों के जरिए अपना नेटवर्क खड़ा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल पहुंचकर मरीजों और परिजनों से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर बंडा क्षेत्र की घटना से प्रभावित मरीजों का हाल जाना। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों से बातचीत की और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने देगी।मुख्यमंत्री ने मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी चिकित्सकों से ली और पीड़ितों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक दवाओं, जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता 24 घंटे सुनिश्चित करने को कहा।पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है।बैठक और अस्पताल निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब प्रशासन का मुख्य फोकस अवैध शराब के नेटवर्क पर कार्रवाई, प्रभावितों को बेहतर उपचार और जिले में नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने पर रहेगा।