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प्रधानमंत्री ने देश के 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का किया लोकार्पण, मध्यप्रदेश को मिले 13 आधुनिक स्टेशन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पंजाब के जालंधर छावनी रेलवे स्टेशन से देश के 20 राज्यों में विकसित किए गए 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मध्यप्रदेश के टीकमगढ़, तरिचर, हरपालपुर, सांची, अशोकनगर, बालाघाट, ब्यौहारी, छिंदवाड़ा, जुन्नारदेव, नैनपुर जंक्शन, विदिशा, शिवपुरी एवं भिंड सहित प्रदेश के 13 पुनर्विकसित अमृत भारत रेलवे स्टेशन राष्ट्र को समर्पित किए गए।टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहभागिता करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना केवल रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की परियोजना नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ये स्टेशन प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्विकसित टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास, पर्यटन और जनसुविधाओं का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक अधोसंरचना और आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रतीक हैं। इन स्टेशनों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। भारतीय रेल आज आधुनिक तकनीक, विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं और पर्यावरण-अनुकूल नवाचारों के साथ नई पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने कोयले और भाप के इंजन से लेकर अत्याधुनिक हाइड्रोजन तकनीक तक का सफर तय किया है। यह देश के लिए गर्व का विषय है कि भारत भविष्य की रेल तकनीक विकसित करने वाले अग्रणी देशों में शामिल हो रहा है।ने कहा कि आज भारतीय रेलवे के 173 वर्षों के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाया जाना भारतीय तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने इसे भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में युगांतरकारी उपलब्धि बताया।बुंदेलखंड के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड के विकास के नए द्वार खुलेंगे और लगभग एक लाख करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना से सिंचाई, पेयजल, कृषि, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क इस क्षेत्र की विकास यात्रा को और गति देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है जिसने नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए इस चुनौती को समाप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, शिक्षा, परिवहन और जनकल्याण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विधानसभा के आगामी वर्षाकालीन सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रस्ताव को आगे बढ़ाएगी। इस संबंध में गठित उच्च स्तरीय समिति ने प्रदेशभर से लगभग 10 लाख नागरिकों के सुझाव प्राप्त किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में आमजन की सुगम यात्रा के लिए शीघ्र ही ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा’ प्रारंभ की जाएगी। साथ ही शिक्षा और संस्कारों के समन्वय के उद्देश्य से प्रत्येक जिले और विकासखंड में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सांदीपनि विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में रेलवे अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

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