मध्यप्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम फिलहाल कमजोर पड़ गया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रिमझिम और हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी 55 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।मौसम विभाग के मुताबिक पाकिस्तान के ऊपर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव अगले सप्ताह मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा। इसके चलते 14 जुलाई से प्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल तेज बारिश में आई कमी खरीफ फसलों के लिए राहत लेकर आई है। लगातार हो रही वर्षा से कई जिलों के खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई थी, जिससे फसलों में गलन और नुकसान का खतरा बढ़ रहा था। अब हल्की बारिश से अतिरिक्त पानी निकलने का मौका मिलेगा और फसलों की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई अच्छी बारिश ने मानसून की तस्वीर बदल दी है। जून में सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने के बावजूद जुलाई के पहले नौ दिनों में प्रदेश में लगभग 240 मिलीमीटर (9.5 इंच) बारिश हो चुकी है, जो सामान्य 222.1 मिलीमीटर से करीब 8 प्रतिशत अधिक है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में औसत से 24 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि पूर्वी हिस्से में अब भी लगभग 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।बारिश के आंकड़ों में देवास जिला सबसे आगे है, जहां सामान्य से 115 प्रतिशत अधिक यानी लगभग 18 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा हरदा में 15 इंच, इंदौर और सीहोर में 14 इंच तथा भोपाल में 13.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, आलीराजपुर में अब तक सबसे कम करीब 2.25 इंच वर्षा हुई है।अब तक आगर-मालवा, भोपाल, इंदौर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, खंडवा, खरगोन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन, विदिशा, छिंदवाड़ा, पन्ना और सिवनी सहित कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर अनूपपुर, बालाघाट, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सागर, सतना, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, रायसेन और शिवपुरी जैसे जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही आगामी सप्ताह में संभावित भारी बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को भी आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।