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श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से दूर होते हैं दुख-दर्द, समाज में बढ़ता है सद्भाव : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का पुण्य प्रताप ऐसा है कि इसे सुनने मात्र से मनुष्य के दुख-दर्द कम होते हैं, कष्टों का शमन होता है और जीवन में आत्मिक शांति का संचार होता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन जिले के ग्राम टंकारिया पंथ में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। कथा का आयोजन 1 से 7 जून तक किया गया था।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ऐसे आयोजन समाज में सद्भाव, नैतिक मूल्यों और संस्कारों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, कर्तव्य और मानव सेवा का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ज्ञानामृत है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श और उनके संदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन सदैव धर्म और न्याय के मार्ग पर चलते हुए अधर्म का अंत किया। उनके जीवन से हमें संघर्षों के बीच भी सही मार्ग पर बने रहने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने लोगों से गीता के संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों के विकास के लिए विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले के नारायणा गांव तथा धार जिले के अंका-झंका माताजी परिसर में भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ विकसित किए जाएंगे।ग्रामीणों की मांगों पर मुख्यमंत्री ने ग्राम टंकारिया पंथ से लेपड़ तक तथा टंकारिया पंथ से रानापुर फाटक तक पक्की सड़क निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही धर्मशाला में शेड निर्माण के लिए राशि उपलब्ध कराने और गौशाला निर्माण हेतु अनुदान देने की बात भी कही।मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी रक्षाबंधन पर भी प्रदेश सरकार लाड़ली बहनों को शगुन स्वरूप राशि प्रदान करेगी। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त किया कि सभी पात्र व्यक्तियों को सरकार तीर्थ दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराएगी।उन्होंने कथा आयोजन को समाज में आध्यात्मिक जागृति और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का प्रभावी माध्यम बताते हुए आयोजन समिति, संतजनों और श्रद्धालुओं को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में प्रसिद्ध श्रीमद्भागवत कथावाचक राकेश शर्मा ‘शास्त्री’, मनोहर चौधरी, लीलाधर पटेल, जगदीश पटेल, सुदामा पटेल, सोहन पटेल, कान्हा पटेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कथा समापन के अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया।

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