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विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकसित मध्यप्रदेश @2047 के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को शिक्षा, उद्योग, कृषि, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है।नई दिल्ली में आयोजित इंडिया@2047 कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विषय पर कहा कि देश में एक निशान, एक विधान और एक कानून की भावना राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाली है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार भी यूसीसी लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न वर्गों से संवाद कर सुझाव एकत्र कर रही है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों को यूसीसी के दायरे से पृथक रखा जाएगा और उन्हें अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए खुले मन और खुले हृदय से इस दिशा में कार्य कर रही है।पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से प्रेरित होकर उन्होंने स्वयं इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन ईंधन संरक्षण के साथ-साथ वायु प्रदूषण को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और भविष्य की जरूरत हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में औद्योगिक विकास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 2 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं और रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता 10 वर्षों तक प्रदान करेगी।कृषि और ग्रामीण विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और आधुनिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गांवों में बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।

शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल पांच मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 30 हो गई है। पिछले दो वर्षों में ही सात नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। साथ ही प्रदेश में तीन नए विश्वविद्यालय और सभी 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत राज्य की पहचान है। उन्होंने धार स्थित भोजशाला के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय के निर्णयों का सम्मान करते हुए वहां विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।महिला सशक्तिकरण के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के माध्यम से प्रदेश की पात्र महिलाओं को अब तक 36 किश्तों में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास, विरासत और जनकल्याण के संतुलित मॉडल पर आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश की भूमिका को मजबूत बनाना ही सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।

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