ब्रिटिश थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (IISS) की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत वर्तमान में चीन और पाकिस्तान के साथ ‘ना शांति, ना युद्ध’ जैसी जटिल सुरक्षा स्थिति का सामना कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पड़ोसी देशों से उत्पन्न खतरों को देखते हुए भारतीय सेना लगातार बड़े पैमाने पर पारंपरिक युद्ध अभियानों की तैयारी कर रही है।सिंगापुर में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘शांगरी-ला डायलॉग’ सुरक्षा सम्मेलन से पहले जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की सैन्य रणनीति में चीन और पाकिस्तान के दोहरे खतरे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान के साथ और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ जारी तनाव के चलते भारतीय सेना क्षेत्रीय संघर्ष की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत कर रही है।रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत एक मिश्रित सुरक्षा परिदृश्य का सामना कर रहा है, जहां सीमाई विवाद पारंपरिक सैन्य संघर्ष की आशंकाओं को लगातार बढ़ा रहे हैं। हालांकि चीन के साथ पूर्ण युद्ध की संभावना भारत-पाकिस्तान संघर्ष की तुलना में कम मानी गई है, लेकिन सीमाओं पर भारी सैन्य तैनाती और सतर्कता निकट भविष्य में जारी रहने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर भी चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की रणनीति जहां ताइवान की सुरक्षा और मजबूती पर केंद्रित है, वहीं चीन की सैन्य नीति ‘काउंटर-इंटरवेंशन’ यानी हस्तक्षेप-रोधी रणनीति पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी संभावित संघर्ष की स्थिति में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सैन्य भागीदारी को सीमित करना है।यह संकेत देती है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव आने वाले समय में भारत की सुरक्षा चुनौतियों को और जटिल बना सकते हैं।