
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को धार में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य “सरस्वती लोक” का निर्माण करेगी तथा यहां राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला को लेकर दिए गए निर्णय का राज्य सरकार अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भोजपाल द्वारा स्थापित भोजशाला सदियों तक ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और संस्कृत भाषा का प्रमुख केंद्र रही है। यह हमारी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रतीक है, जहां देशभर से विद्वान और छात्र अध्ययन एवं शास्त्रार्थ के लिए आया करते थे। राज्य सरकार भोजशाला के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्णय से 750 वर्षों का संघर्ष सफल हुआ है और धार में एक नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि धार में मां वाग्देवी के सम्मान में भव्य सरस्वती लोक तथा राजा भोज शोध संस्थान का निर्माण किया जाएगा। साथ ही भोपाल में भी राजा भोज संग्रहालय बनाया जा रहा है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राजा भोज की जल संरक्षण नीति और दूरदर्शिता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजा भोज जल संरक्षण के अग्रदूत थे और उनके द्वारा निर्मित तालाब, जलाशय एवं जल प्रबंधन की प्रणालियां आज भी उनकी अद्भुत तकनीकी समझ का प्रमाण हैं। धार को कभी तालाबों की नगरी कहा जाता था। यहां बनाए गए साढ़े बारह तालाबों को इस प्रकार जोड़ा गया था कि एक तालाब का अतिरिक्त जल स्वतः दूसरे तालाब में पहुंच जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चलाया जा रहा जल गंगा संवर्धन अभियान जल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए 2 लाख 42 हजार से अधिक कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर हैं। अब तक 89 हजार से अधिक कुओं को रिचार्ज किया गया है, 55 हजार से अधिक खेत तालाब बनाए गए हैं और 105 अमृत सरोवर निर्मित किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि धार जिला जल संरक्षण अभियान में प्रदेश में छठवें स्थान पर है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण किए गए हैं, जबकि नगर पालिका क्षेत्र में 64 प्राचीन बावड़ियों एवं तालाबों का संरक्षण और जीर्णोद्धार किया जा रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार अब प्रदेश के औद्योगिक विकास में अग्रणी जिले के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुरातत्व विभाग के समन्वय से धार एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य करेगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 88.04 करोड़ रुपये की लागत वाले 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें 27.21 करोड़ रुपये की लागत से चंबल नदी पर लेबड़-घाटाविल्लौद मार्ग पर बनने वाले फोरलेन उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य प्रमुख है।मुख्यमंत्री ने भोजशाला आंदोलन में शहादत देने वाले स्वर्गीय बनसिंह, स्वर्गीय अंतरसिंह एवं स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह के निकटतम परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। कार्यक्रम में तीनों शहीदों को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।मुख्यमंत्री ने भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन किए तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और नागरिकों की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, धार विधायक नीना विक्रम वर्मा, विधायक कालू सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।