
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र सक्षम स्तर पर भेजे जाएं। साथ ही जिन संस्थानों में निर्माण कार्य पूर्णता के निकट हैं, वहां आवश्यक मैनपावर, उपकरण एवं फर्नीचर की उपलब्धता प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जा सकें।बैठक में जानकारी दी गई कि 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 2841 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें से वर्ष 2025-26 में 1553 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि 1178 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 61 कार्य निविदा स्तर पर हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2267 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध लगभग 1315 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा लंबित परियोजनाओं में तेजी लाई जाएबैठक में बताया गया कि कुल 1282 स्वीकृत कार्यों में से 1177 कार्य प्रगतिरत हैं तथा 81 कार्य निविदा स्तर पर हैं। इन परियोजनाओं हेतु लगभग 1372 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक लगभग 546 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग 34 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
15वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं के तहत कुल 1940 इकाइयों हेतु लगभग 1361 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसके विरुद्ध लगभग 1150 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं तथा अब तक लगभग 877 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। कुल वित्तीय प्रगति 76 प्रतिशत दर्ज की गई है।भवनविहीन उप स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 963 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 945 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 23 कार्य निविदा स्तर पर हैं।पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 72 इकाइयों हेतु लगभग 76 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसके विरुद्ध लगभग 63 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं। अब तक लगभग 54 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा कुल वित्तीय प्रगति 86 प्रतिशत दर्ज की गई है।इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री (IPHL) परियोजनाओं के अंतर्गत 51 इकाइयों में से 33 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 18 कार्य प्रगतिरत हैं। वहीं ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स अंतर्गत 23 इकाइयों में से 1 कार्य पूर्ण एवं 22 कार्य प्रगतिरत हैं।बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री अशोक बर्णवाल, आयुक्त श्री धनराजू एस, एमडी एमपीपीएचसीएल श्री मयंक अग्रवाल सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।