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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले,

मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गईं।-परिषद ने लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों एवं योजनाओं के परीक्षण और अनुमोदन के लिए 15 हजार 598 करोड़ रुपये, शहरी एवं नगरीय मार्गों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 6,900 करोड़ रुपये तथा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन योजना के लिए 6,115.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए।वित्त विभाग अंतर्गत लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं और परियोजनाओं के परीक्षण एवं प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि 2026 से 2031 तक जारी रखने के लिए 15,598.27 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।इस राशि में कोषालयों की स्थापना, लंबित देनदारियों के भुगतान, लेखा प्रशिक्षण शालाओं की स्थापना, परिसंपत्तियों के संधारण, आंतरिक लेखा परीक्षण और सूचना प्रौद्योगिकी परियोजनाओं के लिए प्रावधान शामिल हैं।लोक निर्माण विभाग अंतर्गत शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और उन्नयन के लिए 2,100 करोड़ रुपये तथा सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए 4,800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में बेहतर सड़क संपर्क और यातायात सुविधाओं को मजबूत करना है।प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ रुपये से कम लागत वाले डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन की अनुमति दी गई है। साथ ही MPRDC की EPC और HAM परियोजनाओं में मूल्य समायोजन की गणना त्रैमासिक के बजाय मासिक आधार पर किए जाने की मंजूरी दी गई है।सरकार का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बिटुमेन और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। नए निर्णय से छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों को राहत मिलेगी और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के आगामी पांच वर्षों तक संचालन के लिए 6,115.99 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।सीहोर जिले के बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। यहां 100 सीट क्षमता वाला मेडिकल कॉलेज, 500 बिस्तरों का अस्पताल, 60 सीटों का नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा।नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना से 22 गांवों की 5,200 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।राज्य मंत्रियों द्वारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की अधिकतम सीमा 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। इससे जरूरतमंद लोगों को अधिक सहायता मिल सकेगी।

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