भोपाल। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के बाद वे अपने माता-पिता के त्याग, बलिदान और समर्पण को कभी न भूलें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जीवनभर अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए और वृद्धावस्था में उनकी विशेष देखभाल करना उनकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता और गुरुजनों से मिले संस्कारों एवं ज्ञान के प्रति सदैव कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए।राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को बंसल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, भोपाल में आयोजित प्लेसमेंट ऑफर वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रोजगार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके गुरुजनों और अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समारोह में राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों की निजी कंपनियों में चयनित विद्यार्थियों को प्लेसमेंट ऑफर सर्टिफिकेट भी प्रदान किए।राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आज का दिन विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण है। यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने इसे संकल्प, समर्पण और सफलता का उत्सव बताया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी याद दिलाया कि यह उपलब्धि उनके जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है।उन्होंने कहा कि वास्तविक सफलता केवल उच्च पद या अधिक वेतन से नहीं मापी जा सकती। सच्ची सफलता तब मानी जाती है जब व्यक्ति अपने ज्ञान और नैतिक मूल्यों के आधार पर समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देता है तथा मानवता के कल्याण के लिए कार्य करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में ईमानदारी, परिश्रम और निष्ठा को अपनाने का आह्वान किया।राज्यपाल श्री पटेल ने विद्यार्थियों से यह भी कहा कि वे समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्ग के प्रति संवेदनशील रहें। उन्होंने कहा कि जब भी अवसर मिले, जरूरतमंदों की सहायता करें और समाज के समग्र विकास में अपनी भूमिका निभाएं।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” और “आत्मनिर्भर भारत” के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई शिक्षा नीति, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन अवसरों का लाभ उठाने और अपने ज्ञान व कौशल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।राज्यपाल ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी युग में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नवाचार और नई चुनौतियों के लिए स्वयं को निरंतर तैयार करना चाहिए।कार्यक्रम में बंसल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के सचिव श्री सुनील बंसल ने राज्यपाल का स्वागत किया। ग्रुप के एमडी श्री पार्थ बंसल ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा सह सचिव डॉ. संजय जैन ने आभार व्यक्त किया। समारोह में डायरेक्टर डॉ. दामोदर तिवारी, डॉ. सतीश नायक, संस्थान के प्राध्यापक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।