ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी टकराव के बीच ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार शाम सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि अमेरिका ने केशम आइलैंड स्थित मीठे पानी के डीसेलिनेशन प्लांट पर हमला किया है, जिससे लगभग 30 गांवों की पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है।अराघची ने अपने बयान में कहा कि किसी देश के नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष रूप से पेयजल व्यवस्था पर हमला करना बेहद खतरनाक और गलत मिसाल है। उन्होंने अमेरिका से ऐसे कदमों से बाज आने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की है। इसके बाद से ईरान की ओर से लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं कि हमलों में अस्पताल, स्कूल और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया है।हमलों के जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन के जरिए जवाबी कार्रवाई की है। ईरान ने इजरायल के कई शहरों पर मिसाइल हमले किए, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान की खबरें सामने आई हैं। इसके साथ ही ईरान ने सऊदी अरब, यूएई, कतर और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में छह अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है।पश्चिम एशिया में बढ़ते इस संघर्ष की मुख्य वजह ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिका और इजरायल का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जबकि ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।