भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी साहित्य के छायावादी युग के प्रमुख स्तंभ, महान कवि, कहानीकार एवं उपन्यासकार सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती पर उन्हें विनम्र नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय निराला हिंदी साहित्य के ऐसे युगप्रवर्तक रचनाकार थे, जिन्होंने अपनी सशक्त और ओजस्वी लेखनी के माध्यम से संवेदना, स्वाभिमान और सामाजिक चेतना को नई दिशा प्रदान की। उनका साहित्य न केवल छायावादी काव्यधारा को समृद्ध करता है, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों और आत्मसम्मान की भावना को भी सुदृढ़ करता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि निराला जी की रचनाओं में मानवता के प्रति गहरा सरोकार, अन्याय के विरुद्ध मुखर स्वर और समाज के वंचित वर्गों के प्रति करुणा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती दी और स्वतंत्र चिंतन को बढ़ावा दिया। उनकी काव्य रचनाएं आज भी पाठकों के मन में नवचेतना और आत्मबल का संचार करती हैं।डॉ. यादव ने आगे कहा कि निराला जी का साहित्य साहस, सृजनशीलता और नवाचार का अद्वितीय उदाहरण है। उनकी रचनाओं में प्रकृति चित्रण की सौंदर्यात्मकता के साथ-साथ जीवन के संघर्षों का यथार्थ चित्रण भी मिलता है। यही कारण है कि उनका साहित्य समय की सीमाओं से परे जाकर आज भी प्रासंगिक बना हुआ है।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे महान साहित्यकारों की विरासत से प्रेरणा लेते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि स्व. निराला का जीवन और साहित्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत बना रहेगा।