मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के धार्मिक मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले भोपाल से मात्र 25 किलोमीटर दूर स्थित सिद्ध स्थल मानसरोवर धाम का स्थापना दिवस अत्यंत भव्य एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर मानसरोवर धाम परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण व्याप्त रहा।स्थापना दिवस के अवसर पर हवन, पूजन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह एवं आस्था के साथ भाग लिया। समिति के संस्थापक एवं वरिष्ठ समाजसेवी आदरणीय संजय कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष दिन पर संत-महंतों एवं आचार्यगणों की गरिमामयी उपस्थिति में भगवान शिव महादेव एवं मानसरोवर धाम में विराजमान 12 ज्योतिर्लिंगों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। मंत्रोच्चारण एवं वैदिक अनुष्ठानों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।हवन कुंड में श्रद्धालुओं द्वारा आहुति देकर देश, समाज एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई। भजन-कीर्तन, प्रवचन एवं प्रसाद वितरण जैसे धार्मिक आयोजनों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराया। दूर-दराज से आए भक्तों ने सिद्ध स्थल मानसरोवर धाम की महिमा का गुणगान किया।इस अवसर पर संजय कश्यप ने कहा, “मानसरोवर धाम का स्थापना दिवस हमारी आस्था, साधना और सेवा का प्रतीक है। यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करता है।”यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक समरसता एवं एकता को भी सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ। समिति द्वारा सभी सहयोगियों, श्रद्धालुओं एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए आगामी वर्षों में स्थापना दिवस को और अधिक भव्य रूप देने का संकल्प लिया गया।आज मानसरोवर धाम देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां शिव भक्ति की ज्योति निरंतर प्रज्ज्वलित रहती है।