पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि ईंधन संरक्षण न केवल वर्तमान की आवश्यकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और समृद्ध भविष्य देने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संसाधनों का संतुलित उपयोग और पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है, जब आम नागरिक ईंधन बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाए।राज्यमंत्री श्रीमती गौर सोमवार को ऑयल इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित संरक्षण क्षमता महोत्सव (सक्षम–2026) के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रही थीं। उन्होंने ईंधन संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तेल कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे सक्षम पखवाड़े की सराहना करते हुए इसे एक सराहनीय और समयोचित पहल बताया।ने कहा कि तेल कंपनियों का यह सामूहिक प्रयास न केवल अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करेगा, बल्कि इसके सकारात्मक परिणाम समाज में व्यापक स्तर पर देखने को मिलेंगे। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की सक्रिय सहभागिता का उल्लेख करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में जागरूकता पैदा करना ही वास्तविक और स्थायी बदलाव की नींव है।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ईंधन की बचत को अपनी आदत में शामिल करें। छोटे-छोटे प्रयास जैसे अनावश्यक वाहन उपयोग से बचना, ऊर्जा दक्ष उपकरणों का प्रयोग और सार्वजनिक परिवहन को अपनाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा संरक्षण से जुड़े विभिन्न उपायों और जागरूकता गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान लोगों को जिम्मेदार उपभोक्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं और सतत विकास के लक्ष्य को साकार करने में मददगार होते हैं।इस अवसर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्यप्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक एवं राज्य प्रमुख श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड सेंट्रल जोन के जोनल हेड श्री अश्विन योगेश सिन्हा, गेल इंडिया लिमिटेड से श्री रंजन कुमार तथा भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के राज्य प्रमुख श्री नीरज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।