CPEC की सुरक्षा को लेकर चीन का पाकिस्तान पर बढ़ता दबाव, चीनी सुरक्षा चौकियों को लेकर इस्लामाबाद झुका,

चीन और पाकिस्तान के बीच चाइना–पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की सुरक्षा को लेकर तनाव लगातार गहराता जा रहा है। हाल के घटनाक्रम में चीन ने एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है और CPEC परियोजनाओं तथा चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी की हालिया चीन यात्रा के दौरान बीजिंग में हुई उच्चस्तरीय बैठकों में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। चीनी नेतृत्व ने साफ शब्दों में पाकिस्तान को चेताया कि CPEC से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस दबाव के बाद गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने घोषणा की है कि पाकिस्तान एक नई विशेष सुरक्षा सेना (स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट) का गठन करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य चीनी नागरिकों और CPEC से जुड़े प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा। यह विशेष इकाई इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, क्वेटा, सुक्कुर, पेशावर, ग्वादर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे प्रमुख शहरी और रणनीतिक क्षेत्रों में तैनात की जाएगी।गौरतलब है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच विद्रोही संगठन बीएलए (BLA) लगातार CPEC और चीनी मौजूदगी का विरोध कर रहे हैं। ग्वादर पोर्ट सहित कई परियोजनाओं को निशाना बनाते हुए अब तक करीब 90 चीनी नागरिक विभिन्न हमलों में मारे जा चुके हैं। बलूच विद्रोही संगठनों ने चीन को चेतावनी दी है कि वह CPEC परियोजनाओं को बलूचिस्तान से बाहर ले जाए।अब तक पाकिस्तान की असीम मुनीर सरकार संप्रभुता का हवाला देकर चीनी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का विरोध करती रही थी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बीजिंग के बढ़ते दबाव के आगे इस्लामाबाद को झुकना पड़ा है।बताया जा रहा है कि गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के साथ एक गोपनीय समझौता किया है, जिसके तहत पाकिस्तान ने CPEC की सुरक्षा के लिए एक अधिक व्यापक और प्रभावी सुरक्षा ढांचे का वादा किया है। इसके साथ ही उप प्रधानमंत्री इशाक डार और गृहमंत्री नकवी दोनों ने चीनी अधिकारियों को भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा में मौजूद कमियों को तेजी से दूर किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि चीन ने CPEC परियोजना में करीब 60 अरब डॉलर का निवेश किया है। सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान की नाकामी से चीन खासा नाराज़ है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि चीनी नागरिकों पर हमलों को वह किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा।

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