मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के कृषि, सिंचाई, ग्रामीण अधोसंरचना, जनजातीय कल्याण तथा प्रशासनिक सुधार से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनसे राज्य के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना को 922 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से खकनार तहसील के 42 ग्रामों की लगभग 17 हजार 700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे 11 हजार 800 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।इसी प्रकार मंत्रि-परिषद ने बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना को 1,676 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना से खकनार तहसील के 90 ग्रामों की 34 हजार 100 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी तथा लगभग 22 हजार 600 कृषक परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है।मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक निरंतरता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। इस योजना पर अनुमानित व्यय 795 करोड़ 45 लाख रुपये होगा। इसके अंतर्गत 1,039 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं 112 पुलों का निर्माण किया जाएगा। यह योजना प्रदेश के 22 जिलों में निवासरत विशेष जनजातियों—बैगा, भारिया एवं सहरिया—के लिए लागू की जाएगी।मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। इस अवधि में योजना पर अनुमानित व्यय 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये होगा। योजनांतर्गत लगभग 20 हजार किलोमीटर सड़कों एवं 1,200 पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए भी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता को स्वीकृति दी गई। इस योजना पर अनुमानित व्यय 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये होगा, जिसके अंतर्गत 88 हजार 517 किलोमीटर मार्गों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा।

मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित सिंचाई परियोजनाओं को त्वरित क्रियान्वयन के उद्देश्य से नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य कंपनी द्वारा वित्तीय व्यवस्था कर पूर्ण कराया जाएगा, उनका संपूर्ण स्वामित्व कंपनी का होगा। परियोजनाओं से प्राप्त राजस्व कंपनी की आय के रूप में ग्रहण किया जाएगा। वर्तमान में कंपनी द्वारा नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना (2,489 करोड़ 65 लाख रुपये) एवं बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना (1,520 करोड़ 92 लाख रुपये) वित्त पोषित की जा रही हैं।बैठक के दौरान मंत्रि-परिषद के सदस्यों एवं उनके भारसाधक सचिवों को ई-कैबिनेट प्रणाली के अंतर्गत टैबलेट प्रदान किए गए तथा उनके उपयोग संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया। इस पहल से शासन की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, त्वरित और पेपरलेस बनेगी।इन निर्णयों से प्रदेश में कृषि उत्पादन, ग्रामीण एवं शहरी अधोसंरचना, जनजातीय कल्याण और डिजिटल प्रशासन को नई गति मिलने की अपेक्षा है।