
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि प्रदेश की कृषि उपज मंडियों को कृषक उन्मुख बनाए जाने के लिए एक प्रभावी और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडियों में किसानों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, पारदर्शी विपणन व्यवस्था तथा उनकी फसलों का उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री श्री कंषाना मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 144वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।कृषि मंत्री ने कहा कि मंडियां केवल खरीदी-बिक्री का स्थान न होकर किसानों के लिए सुविधा, विश्वास और सशक्तिकरण का केंद्र बनें। इसके लिए स्वच्छता, सड़क, बिजली, पेयजल, डिजिटल व्यवस्थाएं तथा फसल प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी सुधार से जुड़े सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।बैठक में सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इस अवसर पर सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री निशांत बरबड़े, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड श्री कुमार पुरुषोत्तम, पंजीयन सहकारी संस्था विभाग तथा मंडी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मंडी बोर्ड की योजनाओं, वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में पारित प्रमुख प्रस्तावों में किराये के वाहनों के देयक भुगतान को संचालक मंडल से स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आवंटित वाहनों में अप्रैल 2021 से मार्च 2022 की अवधि के दौरान पात्रता से अधिक हुए डीजल एवं पेट्रोल व्यय को भी स्वीकृति दी गई, जिससे संबंधित वित्तीय प्रकरणों का निराकरण हो सके।भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत संचालित प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम के तहत खरीफ वर्ष 2025 के लिए सोयाबीन फसल पर भावांतर भुगतान से संबंधित प्रस्ताव को भी बैठक में अनुमोदन प्रदान किया गया। मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि यह योजना किसानों की आय स्थिरता और जोखिम कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।योजना के सतत् क्रियान्वयन के लिए आवश्यक ऋण लिए जाने संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तथा बोर्ड निधि मद अंतर्गत स्वीकृत प्रोजेक्ट्स के तहत एपीएमसी में क्लीनिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सह अध्यक्ष मंडी बोर्ड से प्राप्त प्रस्तावों के अनुक्रम में बोर्ड निधि से स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों का अनुसमर्थन किया गया। साथ ही प्रदेश अंतर्गत विभिन्न मंडी समितियों में बोर्ड निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई।इसके अलावा प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बोर्ड निधि से वित्तपोषण किए जाने संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित मंडियां किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए लाभकारी होंगी।अंत में कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हित में मंडी व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।