
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार प्रातः मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश सहित पूरे देश की जनता के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगल भविष्य की कामना की।प्रातः काल मंदिर परिसर में पहुंचने पर मंदिर प्रशासन एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं अन्य अतिथियों का पारंपरिक तरीके से शॉल, श्रीफल एवं प्रसाद भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और “जय महाकाल” के जयघोष से संपूर्ण क्षेत्र गूंज उठा।पूजा-अर्चना के पश्चात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से देश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनकल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुंचाने के संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बाबा महाकाल के चरणों में प्रदेशवासियों की खुशहाली, शांति और उन्नति के लिए प्रार्थना की।महाकालेश्वर मंदिर दर्शन के उपरांत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल अन्न क्षेत्र का अवलोकन किया। यहां उन्होंने श्रद्धालु भक्तजनों को प्रसाद वितरण कर सेवा कार्य में सहभागिता की। दोनों नेताओं ने स्वयं भी प्रसादी ग्रहण की और अन्न क्षेत्र में की जा रही व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महाकाल अन्न क्षेत्र न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता का भी अद्भुत उदाहरण है।
इस कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के प्रभारी श्री महेंद्र सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी बाबा महाकाल के दर्शन कर प्रदेश के विकास और जनकल्याण की कामना की। मंदिर समिति एवं प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सभी अतिथियों ने प्रशंसा की।उल्लेखनीय है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां दर्शन करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री की इस धार्मिक यात्रा ने प्रदेश में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को और अधिक सशक्त किया है।