
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य सरकार की ओर से बच्चों को दी जाने वाली सभी सुविधाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पहली बार ‘प्रवेशोत्सव’ का आयोजन अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही शुरू किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सराहनीय रही।मंत्री श्री सिंह सोमवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में “विकास और सेवा के 2 वर्ष” विषय पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, परिवहन विभाग के सचिव श्री मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त श्री विवेक शर्मा, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।उन्होंने बताया कि कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल किया गया है। कक्षा 6 में प्रवेश के लिये प्रधानाध्यापक तथा माध्यमिक शालाओं में कक्षा 9 में प्रवेश के लिये प्राचार्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है।मंत्री श्री सिंह ने जानकारी दी कि प्रदेश में बच्चों की पढ़ाई सत्र के प्रारंभ से ही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के परिणाम मार्च माह में ही घोषित कर दिये गये।उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में कक्षा 1 में कुल नामांकन पिछले वर्ष की तुलना में 19.6 प्रतिशत तथा शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत अधिक रहा है।मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है। वर्ष 2024-25 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6.8 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गई है। समग्र आईडी के माध्यम से 90 प्रतिशत बच्चों की ट्रैकिंग पूर्ण की जा चुकी है।इसके साथ ही शासकीय योजनाओं के अंतर्गत निजी विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र परिवारों के लगभग 8.50 लाख बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति पूर्णतः ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से की गई।
प्रोत्साहन योजनाओं से बच्चों को मिला लाभ
मंत्री श्री सिंह ने बताया कि बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई गईं तथा उनकी छपाई गुणवत्ता में भी सुधार किया गया।
- 94,300 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप
- 7,800 विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई
- पहली बार साइकिल वितरण अगस्त माह में ही कर दिया गया
- आगामी सत्र से अप्रैल 2026 में साइकिल वितरण सुनिश्चित किया जायेगा
इसके अतिरिक्त छात्रवृत्ति, गणवेश, छात्रावास सुविधा एवं छात्राओं के सेनिटेशन व हाइजीन हेतु राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई।
शिक्षक व्यवस्था और डिजिटल पहल
प्रदेश में पहली बार 1 जुलाई को अतिथि शिक्षक व्यवस्था पूर्ण की गई। वर्तमान में 76,325 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।
सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण शिक्षक-अभाव वाले विद्यालयों में किया गया है।
इसके साथ ही 80 प्रतिशत नियमित और 96 प्रतिशत अतिथि शिक्षक ‘हमारे शिक्षक’ जियो-टैग आधारित ऐप में पंजीकृत किए जा चुके हैं। इस ऐप में अवकाश प्रबंधन और शिकायत निवारण सुविधा 1 जनवरी 2026 से लागू की जायेगी।
शैक्षणिक बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता में सुधार
- 18 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है
- आगामी सत्र से छात्रावास प्रबंधन और प्रवेश पूरी तरह ऑनलाइन
- पहली बार जिलों को स्कूल भवन मरम्मत, पेयजल और बिजली हेतु निधि
- अगले वर्ष तक सभी शासकीय मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था
- 275 सांदीपनि एवं 799 पीएमश्री विद्यालय नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित
बोर्ड परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार
वर्ष 2024-25 में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 56 प्रतिशत से बढ़कर 76.22 प्रतिशत और कक्षा 12वीं का परिणाम 63 प्रतिशत से बढ़कर 74.56 प्रतिशत हुआ। द्वितीय बोर्ड परीक्षा के बाद अंतिम उत्तीर्ण प्रतिशत कक्षा 10 के लिये 87.52 प्रतिशत तथा कक्षा 12 के लिये 82.53 प्रतिशत रहा।