राजस्थान के सांवलिया सेठ मंदिर में रिकॉर्ड चढ़ावा मिला

राजस्थान के सांवलिया सेठ मंदिर में रिकॉर्ड चढ़ावा मिला — दो दिनों में ₹16.83 करोड़ से अधिक दान प्राप्त।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर एक बार फिर आस्था और विश्वास का बड़ा उदाहरण बना है। हाल ही में मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। देश-विदेश से आए भक्तों ने अपनी मनोकामनाओं के पूर्ण होने पर दिल खोलकर दान दिया, जिससे मंदिर की दान पेटियों में भारी मात्रा में नकद, सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं प्राप्त हुईं।

सांवलिया सेठ को “मेवाड़ का भगवान” कहा जाता है और व्यापारियों, किसानों व नौकरीपेशा लोगों में उनकी विशेष मान्यता है। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां मन्नत मांगता है, उसकी इच्छा जरूर पूरी होती है। इसी विश्वास के चलते हर महीने और विशेष अवसरों पर मंदिर में चढ़ावे की गणना की जाती है, जिसमें अक्सर करोड़ों रुपये का दान सामने आता है।

हालिया गणना में मंदिर प्रशासन को नकद राशि के साथ-साथ बड़ी मात्रा में सोना और चांदी भी प्राप्त हुई है। दान पेटियों के अलावा ऑनलाइन माध्यम और बैंक खातों के जरिए भी श्रद्धालुओं ने दान किया। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, यह चढ़ावा अब तक के सबसे बड़े चढ़ावों में से एक है, जिसने पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।

मंदिर प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से संपन्न किया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और गणना कार्य सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुआ। प्राप्त चढ़ावे का उपयोग मंदिर के विकास कार्यों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कार्यों में किया जाएगा। ट्रस्ट द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों की सहायता के लिए भी इन निधियों का एक हिस्सा खर्च किया जाता है।

सांवलिया सेठ मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति देता है। यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है।

रिकॉर्ड चढ़ावे की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सांवलिया सेठ के प्रति लोगों की आस्था दिन-प्रतिदिन और मजबूत हो रही है। भक्तों का विश्वास और भक्ति ही इस मंदिर की सबसे बड़ी पूंजी है, जो हर बार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

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