
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान से उनकी बहन उजमा खान ने अदियाला जेल में मुलाकात की। यह मुलाकात करीब 20–25 मिनट चली। मुलाकात के बाद उजमा खान ने दावा किया कि इमरान खान शारीरिक रूप से स्वस्थ जरूर हैं, लेकिन उन्हें जेल में अत्यधिक मानसिक यातनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मुलाकात के बाद पीटीआई ने आधिकारिक बयान जारी कर उजमा और इमरान के बीच हुई पूरी बातचीत का विवरण सार्वजनिक किया।पीटीआई ने कहा है कि इमरान खान को पिछले 850 दिनों से मनमाने ढंग से हिरासत में रखा गया है, और उन्हें ऐसी कोठरी में रखा गया है जो सामान्यतः मौत की सजा पा चुके कैदियों के लिए निर्धारित होती है। पार्टी का दावा है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के नेतृत्व में चल रहे “तानाशाही सैन्य शासन” ने UN मंडेला नियमों का घोर उल्लंघन किया है।पार्टी ने आरोप लगाया कि परिवार और वकीलों को नियमित मुलाकात की अनुमति नहीं दी जाती है। यहां तक कि इमरान खान की कोठरी की बिजली भी कई दिनों तक काटी गई, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने इस स्थिति को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
इमरान खान के आरोप: “अब मेरे पास केवल मौत का खतरा बचा है”
उजमा खान से मुलाकात के दौरान इमरान खान ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उनके खिलाफ हर संभव अत्याचार किया है। उनके अनुसार:
- “सेना अब मेरे खिलाफ जो कर सकती थी, सब कर चुकी है। अब उनके पास सिर्फ मुझे खत्म कर देने का ही विकल्प बचा है।”
- “आईएसआई मेरी कैद से जुड़े हर प्रशासनिक पहलू को नियंत्रित कर रही है।”
- “अगर मुझे कुछ भी होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आर्मी चीफ असीम मुनीर और DG ISI की होगी।”
इमरान खान ने दावा किया कि उन्हें पूरी तरह अकेले एक ऐसी कोठरी में रखा गया है जो ओवन की तरह गर्म हो जाती है। उन्हें अपने बच्चों से बात करने की भी अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि जो सुविधाएँ उन्हें दी जा रही हैं, वे वही हैं जो आमतौर पर मृत्यु-दंड पा चुके कैदियों को दी जाती हैं।
मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप
पूर्व प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्हें पिंजरे में बंद कर कई बार टॉर्चर किया गया। उनके अनुसार:
- “मेरे सेल की बिजली लगातार पाँच दिनों तक बंद रही।”
- “मुझे दस दिनों तक बिल्कुल बंद कमरे में रखा गया।”
- “पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर इतिहास का सबसे जालिम तानाशाह है और मानसिक रूप से अस्थिर है।”
- “वह पावर की हवस में कुछ भी कर सकता है।”
उन्होंने कहा कि उन्हें जानवरों से भी बदतर परिस्थितियों में रखा गया है, और उन्हें डर है कि किसी भी समय उनके साथ जानलेवा घटना हो सकती है।
पीटीआई का कहना: सैन्य शासन का ‘निर्दय चेहरा’ सामने आया
पीटीआई ने प्रेस बयान में कहा कि इमरान खान के साथ की जा रही यह सजा राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी ने मिलकर नागरिक शासन और कानून व्यवस्था को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है।
पार्टी के अनुसार:
- इमरान खान की सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और संपर्क से जुड़े सभी निर्णय ISI के नियंत्रण में हैं।
- यह सैन्य शक्ति का दुरुपयोग है, जो एक निर्वाचित पूर्व प्रधानमंत्री के साथ क्रूर व्यवहार कर रही है।
- अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
इमरान खान की चेतावनी: “अगर मुझे नुकसान हुआ तो जनता चुप नहीं बैठेगी”
इमरान खान ने अपनी बहन के माध्यम से संदेश दिया कि यदि जेल में उनके साथ किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित घटना होती है, तो वह पाकिस्तान की जनता से उम्मीद करते हैं कि वे इसके लिए जिम्मेदारों को पहचानें और आवाज उठाएं। उन्होंने दोहराया:
- “मेरे साथ हो रहे अत्याचारों की पूरी जिम्मेदारी असीम मुनीर और DG ISI पर होगी।”
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुद्दा उठाने की तैयारी
पीटीआई का कहना है कि वे इस पूरे मामले को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक न्यायिक संस्थाओं के सामने ले जाएंगे। पार्टी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के भीतर न्यायपालिका पर दबाव बनाया जा रहा है, ताकि इमरान खान को कानूनी सुरक्षा न मिल सके।
स्थिति गंभीर, अंतरराष्ट्रीय निगरानी आवश्यक
इमरान खान पर लगे गंभीर आरोप और जेल में उनके प्रति कथित दुर्व्यवहार ने पाकिस्तान की न्यायिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पीटीआई ने यह भी कहा है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो पाकिस्तान में स्थिति और खराब हो सकती है।