
पाकिस्तान द्वारा टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) पर हालिया ड्रोन और फाइटर जेट हमलों के बाद अब अफगानिस्तान की ओर से बड़ा जवाब सामने आया है। अफगान तालिबान से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार शाम दो अज्ञात ड्रोन ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के खैबर जिले में ISIS के ठिकानों पर सटीक हमला किया। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब ISIS के कई शीर्ष कमांडर मौके पर मौजूद थे।रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन हमले में ISIS के प्रमुख कमांडरों अब्दुल हकीम तोहिदी, गुल नाजिम और सादिक यार को निशाना बनाया गया। ये सभी अफगानिस्तान में कई बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार बताए जाते हैं। तालिबानी मीडिया ‘अल मिरशाद’ का दावा है कि ड्रोन हमला करने के बाद ये किलर ड्रोन बिना किसी बाधा के अफगानिस्तान वापस लौट गए।खैबर जिले के स्थानीय निवासियों ने बताया कि बीती रात इलाके में कई ड्रोन उड़ते नजर आए थे। हमले के दौरान पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन को गिराने के लिए हैवी मशीन गन का इस्तेमाल किया, लेकिन वे उन्हें रोकने में असफल रहे। इस घटना पर पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।ISIS नेटवर्क को बड़ा झटकअल मिरशाद की रिपोर्ट के मुताबिक, मारे गए आतंकी खैबर और ओरकज़ई क्षेत्रों के रहने वाले थे और स्थानीय ISIS कमांडर अब्दुल मलिक के करीबी सहयोगी थे। अब्दुल मलिक की 8 अगस्त को हत्या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि यह ISIS यूनिट पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा क्षेत्रों में सक्रिय थी और अफगानिस्तान के भीतर कई हमलों को अंजाम देती थी।ISIS का पश्चिमी ज़ोन प्रमुख अब्दुल हकीम, हेरात प्रांत में बेहद सक्रिय था और पाकिस्तानी इलाके की पहाड़ियों में छिपा हुआ था। यह हमला ISIS नेटवर्क के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
तालिबान-पाकिस्तान रिश्तों में बढ़ता तनाव
विश्लेषकों के अनुसार, यह घटना तालिबान और पाकिस्तान के बीच लगातार बिगड़ते रिश्तों का संकेत है। रिपोर्टों में यह भी आरोप है कि पाकिस्तान लंबे समय से अपने रणनीतिक हितों के लिए ISIS और टीटीपी के विभिन्न गुटों का इस्तेमाल करता रहा है, ताकि अफगान तालिबान सरकार पर दबाव बनाया जा सके और भारत-विरोधी गतिविधियों में सहयोग लिया जा सके।हालांकि, तालिबान सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान के किसी दबाव में नहीं आएगी। हाल के महीनों में तालिबान ने भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है, जिससे पाकिस्तान की नाराज़गी और बढ़ गई है।