
दक्षिण एशिया के राजनीतिक समीकरणों के बीच पाकिस्तान और बांग्लादेश ने शिक्षा सहयोग के नाम पर अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की नई पहल शुरू की है। दोनों देशों ने मिलकर ‘पाकिस्तान–बांग्लादेश नॉलेज कॉरिडोर’ लॉन्च करने की आधिकारिक घोषणा की है। यह पहल न केवल शैक्षणिक आदान–प्रदान तक सीमित है, बल्कि इसे भविष्य में व्यापक रणनीतिक सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।इस पहल की घोषणा पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार के ढाका दौरे के दौरान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा, शोध, कौशल विकास और संस्थागत साझेदारी के माध्यम से दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संपर्क को मजबूत बनाना है। पाकिस्तान और बांग्लादेश की सरकारों ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक विशेष संयुक्त फंड स्थापित करने का निर्णय भी लिया है।राजनयिक हलकों में इस गठजोड़ को केवल शैक्षणिक सहयोग के रूप में नहीं देखा जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों इस मंच का उपयोग क्षेत्रीय शक्ति–संतुलन और अप्रत्यक्ष रूप से भारत के प्रभाव को चुनौती देने की दिशा में कर सकते हैं।दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में बढ़ते संपर्क और अब शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सहयोग ने क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा की नई संभावनाओं को जन्म दिया है।पाकिस्तान ने घोषणा की है कि वह अगले पांच वर्षों में बांग्लादेशी छात्रों को 500 पूर्ण–फंडेड स्कॉलरशिप उपलब्ध कराएगा। ये स्कॉलरशिप पाकिस्तान की प्रमुख पब्लिक और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ में दी जाएंगी।इसके जवाब में, बांग्लादेश ने भी पाकिस्तानी छात्रों के लिए समान व्यवस्था शुरू करने का आश्वासन दिया है। दोनों देशों का दावा है कि यह पहल युवाओं को बेहतर उच्च शिक्षा, शोध अवसर और द्विपक्षीय सहयोग के अधिक विकल्प देगी।
सिविल सेवकों के लिए लीडरशिप व गवर्नेंस प्रशिक्षण
शैक्षणिक स्कॉलरशिप के अलावा, पाकिस्तान ने यह भी घोषणा की है कि वह हर साल 20 बांग्लादेशी सिविल सर्वेंट्स को लीडरशिप, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और गवर्नेंस ट्रेनिंग के लिए आमंत्रित करेगा।इस प्रकार अगले पाँच वर्षों में कुल 100 बांग्लादेशी सिविल सेवक पाकिस्तान के प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे।इसके साथ ही पाकिस्तान ने अपने Pakistan Technical Assistance Programme (PTAP) के तहत बांग्लादेशी छात्रों के लिए उपलब्ध सीटों को 5 से बढ़ाकर 25 कर दिया है।
ढाका में पहला पाकिस्तानी एजुकेशन एक्सपो — नॉलेज कॉरिडोर की बड़ी कड़ी
नॉलेज कॉरिडोर का औपचारिक शुभारंभ 24 नवंबर 2025 को ढाका स्थित रेडिसन ब्लू होटल के उत्शाब हॉल में आयोजित पहले पाकिस्तानी एजुकेशन एक्सपो के बाद किया गया। इस एक्सपो में पाकिस्तान की कई शीर्ष यूनिवर्सिटीज़ ने हिस्सा लिया, जिनका उद्देश्य था:
- बांग्लादेशी छात्रों को पाकिस्तानी शिक्षा प्रणाली से परिचित कराना
- विभिन्न डिग्री और रिसर्च प्रोग्रामों की जानकारी देना
- प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाना
- द्विपक्षीय शैक्षणिक समन्वय बढ़ाना
पाकिस्तान के हायर एजुकेशन कमीशन (HEC) ने बताया कि यह एक्सपो नॉलेज कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक शिक्षा साझेदारी को मजबूती देगा।
नॉलेज कॉरिडोर के मुख्य उद्देश्य
- द्विपक्षीय छात्र–आदान–प्रदान को बढ़ावा
- उच्च शिक्षा व शोध में संयुक्त पहलें
- तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा में सहयोग
- इंस्टिट्यूशनल लिंकिंग – विश्वविद्यालयों के बीच औपचारिक साझेदारी
- कौशल व क्षमता निर्माण कार्यक्रम
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, यह पहल भविष्य में विज्ञान, टेक्नोलॉजी, नवाचार, मेडिकल शिक्षा, रक्षा–अध्ययन और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार पा सकती है।
क्षेत्रीय राजनीति पर प्रभाव
विश्लेषकों का मानना है कि यह गठजोड़ दक्षिण एशिया में नए शक्ति समीकरणों की भूमिका तैयार कर सकता है।
जहां भारत लंबे समय से बांग्लादेश का सबसे बड़ा व्यापारिक और विकास साझेदार रहा है, वहीं पाकिस्तान द्वारा शिक्षा–सहयोग के जरिए बढ़ती नजदीकियां भारत के लिए नए कूटनीतिक संकेत हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- पाकिस्तान इस पहल के माध्यम से बांग्लादेश के साथ सॉफ्ट–डिप्लोमेसी को मजबूत करना चाहता है।
- दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय बहुपक्षीय मंचों पर साझा रणनीति विकसित कर सकते हैं।
- शिक्षा सहयोग के पीछे दीर्घकालिक भू–राजनीतिक इरादे छिपे हो सकते हैं।
हालांकि दोनों देशों ने आधिकारिक रूप से इस पहल को पूरी तरह “अकादमिक और गैर–राजनीतिक” बताया है।