
पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। यह ताज़ा आरोप उस समय सामने आया है जब पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में अफगानिस्तान सीमा के नजदीक दो ठिकानों पर बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर 23 आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तान की सेना के अनुसार, मारे गए आतंकवादी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सदस्य थे और इन्हें भारत का कथित समर्थन प्राप्त था। हालांकि इन आरोपों को भारत और अफगान तालिबान दोनों बार-बार खारिज करते रहे हैं।पाकिस्तान के सैन्य जनसंपर्क विभाग, इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (ISPR) द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान बॉर्डर के पास दो प्रमुख अड्डों पर समन्वित कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान 23 TTP आतंकियों को मार गिराया गया। ISPR ने दावा किया कि इन आतंकियों को भारत की ओर से कथित रूप से “लॉजिस्टिक और फाइनेंशियल सपोर्ट” मिल रहा था।पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आतंकियों को “फितना अल-ख्वारिज” कहा है — यह शब्द पाकिस्तान उन गुटों या आतंकियों के लिए इस्तेमाल करता है जिन्हें वह भारत के प्रभाव या प्रशिक्षण से जुड़ा हुआ बताता है। ISPR ने आगे कहा कि TTP पाकिस्तान की सामरिक स्थिरता और आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है और 2023–2025 के बीच इस गुट ने पाकिस्तान में कई बड़े हमलों की ज़िम्मेदारी ली है।
पाकिस्तान के ये आरोप ऐसे समय आए हैं जब TTP, अफगान तालिबान और पाकिस्तान के बीच गहरा तनाव बना हुआ है।
डूरंड लाइन को लेकर विवाद, सीमा चौकियों पर झड़पें, और TTP के ठिकानों को लेकर पाकिस्तान द्वारा बार-बार की गई शिकायतों ने दोनों देशों के संबंधों को बेहद अस्थिर बना दिया है।हाल ही में क़तर की मध्यस्थता से 19 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ एक अस्थायी सीज़फायर अभी भी प्रभावी है, बावजूद इसके कि सीमा पर तनावपूर्ण झड़पें जारी हैं। यह सीज़फायर उन घटनाओं के बाद लागू कराया गया था जिनमें 9 अक्टूबर को काबुल के पास ड्रोन हमलों से कई लोगों की मौत के बाद सीमा पर हिंसक टकराव हुआ था।
पिछले अभियानों का संदर्भ
ISPR के अनुसार, बुधवार की यह रेड इस सप्ताह की शुरुआत में हुए कई सैन्य अभियानों की कड़ी का हिस्सा है। पिछले तीन दिनों में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने उत्तर-पश्चिम में TTP के विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कम से कम 38 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि TTP लगातार अफगानिस्तान से पाकिस्तान में घुसपैठ की कोशिश करता है और उसे अफगान तालिबान की मौन सहमति प्राप्त है। हालांकि अफगानिस्तान तालिबान सरकार इस आरोप को सख्ती से नकारती रही है।
पाकिस्तान का दावा है कि भारत, विशेषकर RAW, TTP को वित्तीय और हथियारों के माध्यम से सहयोग देता है। पाकिस्तान ने यह आरोप भी लगाया कि TTP भारत के प्रभाव में पाकिस्तान के क़बायली इलाकों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता है।हालांकि, भारत ने हमेशा इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है और कहा है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक असफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगाता है। भारत की ओर से यह भी कहा गया है कि आतंकवाद के विरुद्ध उसकी नीति “ज़ीरो टॉलरेंस” की है और वह किसी भी तरह के आतंकी समूह को समर्थन नहीं देता।अफगान तालिबान ने भी पाकिस्तान के आरोपों को राजनीतिक बहाना बताते हुए कहा कि TTP पूरी तरह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और भारत का इससे कोई संबंध नहीं है।अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है। TTP की गतिविधियों में वृद्धि, आर्थिक संकट और क्षेत्रीय अस्थिरता के चलते पाकिस्तान पर घरेलू दबाव बढ़ा है। ऐसे में भारत पर आरोप लगाना पाकिस्तान की एक पुरानी रणनीति रही है, जिससे वह अपने घरेलू मुद्दों से ध्यान हटाता है।