केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (सीआईएई), भोपाल में “कृषि के लिए इंजीनियरिंग नवाचार 5.0” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ,

, भोपाल द्वारा संस्थान के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय कृषि अभियंता सोसाइटी (आईएसएई) का 59वां वार्षिक अधिवेशन एवं “पूर्व और फसल पश्चात् कृषि में मेकाट्रॉनिक्स एवं रोबोटिक्स” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ 10 नवम्बर, 2025 को संस्थान परिसर, नबीबाग, भोपाल में “कृषि के लिए इंजीनियरिंग नवाचार 5.0” थीम के साथ हुआ।इस अवसर पर डॉ. सी. आर. मेहता, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.–केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया तथा संस्थान की उपलब्धियों एवं योगदानों पर प्रकाश डाला। डॉ. एस. एन. झा, अध्यक्ष, आई.एस.ए.ई एवं उप महानिदेशक (कृषि अभियांत्रिकी), आईसीएआर, नई दिल्ली ने अध्यक्षीय संबोधन में आई.एस.ए.ई की उपलब्धियों तथा कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में इसके योगदानों का उल्लेख किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री लखन पटेल, राज्य मंत्री (पशुपालन एवं डेयरी विभाग), मध्यप्रदेश शासन रहे, जिन्होंने संगोष्ठी का औपचारिक उद्घाटन किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचार, स्वचालन और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि किसानों की उत्पादकता एवं आय वृद्धि हेतु अभियांत्रिकी समाधानों का विस्तार समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर डॉ. पी. के. साहू द्वारा आई.एस.ए.ई पुरस्कारों की घोषणा की गई।संगोष्ठी के अंतर्गत “कृषि के लिए इंजीनियरिंग नवाचार 5.0” विषय पर एक विशेषज्ञ पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसका संचालन डॉ. एस. एन. झा ने किया। इस पैनल में डॉ. वी. एम. मायनदे (पूर्व कुलपति, पीडीकेवी, अकोला), डॉ. नवाब अली (पूर्व उप महानिदेशक, आईसीएआर), डॉ. पी. एम. चौहान (कुलपति, एसकेएनएयू, जोबनेर), डॉ. इंद्र मणि मिश्रा (कुलपति, वीएनएमकेवी, परभणी), डॉ. डी. सी. जोशी (पूर्व कुलपति, केएयू, कोटा) तथा डॉ. बंगाली बाबू (पूर्व राष्ट्रीय निदेशक, एनएआईपी, आईसीएआर, नई दिल्ली) सम्मिलित रहे। विशेषज्ञों ने कृषि 5.0 के लिए स्मार्ट यांत्रिकीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, और अभियांत्रिकी नवाचारों के माध्यम से टिकाऊ एवं उत्पादक कृषि प्रणाली विकसित करने पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अभियंता सोसाइटी की ओर से डॉ. एस. मनिवन्नन, वाइस प्रेसिडेंट (एक्टिविटी) तथा डॉ. अतुल महोद, वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल) भी उपस्थित रहे।इसके पश्चात् इंडस्ट्री पैनल चर्चा का आयोजन हुआ, जिसमें प्रमुख विषयों जैसे – आधुनिक कृषि में यंत्रीकरण की बदलती परिस्थितियाँ, स्मार्ट कृषि हेतु भविष्य के ट्रैक्टर, कृषि मशीनरी व्यापार की मांग–आपूर्ति एवं नीतिगत पहलू, कृषि हेतु उन्नत सिंचाई प्रणालियाँ, कृषि-प्रसंस्करण उद्योग की व्यापारिक चुनौतियाँ तथा कृषि में नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग पर विचार-विमर्श किया गया।चर्चाओं में उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के मध्य सहयोग, तकनीकी उन्नयन एवं नवाचार-आधारित विकास को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया।


तीन दिवसीय यह अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी मेकाट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, ड्रोन, स्वचालन, प्रसंस्करण तकनीक,सिचाई प्रबंधन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकृत उपयोग को बढ़ावा देते हुए कृषि की अवधारणा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।इस आयोजन में देश-विदेश से लगभग 600 प्रतिभागी, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, उद्योग प्रतिनिधि, नीति-निर्माता एवं उद्यमी भाग ले रहे हैं।कार्यक्रम में समानांतर वैज्ञानिक सत्र, विशेषज्ञ व्याख्यान, शोधपत्र प्रस्तुतियाँ तथा ड्रोन, रोबोटिक्स, आईओटी आधारित उपकरणों एवं आधुनिक कृषि मशीनरी की प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है।यह संगोष्ठी नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत एवं किसानों के मध्य संवाद, ज्ञान-विनिमय और सहयोग का एक सशक्त मंच प्रदान करती है, जो नवाचार-आधारित कृषि विकास को नई दिशा एवं गति प्रदान करेगा। कार्यक्रम का समापन आयोजन सचिव डॉ. एस. चक्रवर्ती द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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