विज्ञान और तकनीक के माध्यम से मध्यप्रदेश तेज़ी से विकास के पथ पर – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र की सहायता से प्रदेश में विकास के हर संभव प्रयास जारी हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने नई ड्रोन पॉलिसी तैयार की है, जिससे राज्य में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न क्षेत्रों में नई संभावनाएँ खुलेंगी। मुख्यमंत्री आज विज्ञान भवन, नेहरू नगर, भोपाल में आयोजित ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो-2025 के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का युग तकनीकी प्रगति का युग है। हमें दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। भारतीय समाज नई तकनीक और नवाचारों को शीघ्रता से अपनाने में कभी पीछे नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में उभर रही है। यह न केवल कृषि क्षेत्र में अन्नदाता की मदद कर रही है, बल्कि आपदा प्रबंधन, पुलिस मॉनिटरिंग और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन के माध्यम से खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आसान हुआ है, जिससे किसानों की उत्पादकता में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि “ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया ने भारतीय ड्रोन तकनीक की ताकत को देखा है।” डॉ. यादव ने कहा कि अब तो शादियों से लेकर औद्योगिक निगरानी तक हर क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग व्यापक रूप से हो रहा है।मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी और वर्कशॉप का अवलोकन किया तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और औद्योगिक इकाइयों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स पर जाकर ड्रोन तकनीक के शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह एक्सपो भारत की तकनीकी क्रांति का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को नवाचार और स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करेंगे।डॉ. यादव ने कहा कि ड्रोन तकनीक आज आपदा की स्थिति में राहत कार्यों से लेकर पुलिस प्रशासन की निगरानी तक, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तन ला रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त वाहक के रूप में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के पथ पर अग्रसर है।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने बताया कि प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में इस ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो-2025 का आयोजन किया गया है। इसमें प्रदेशभर के चार हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण हेतु पंजीकरण कराया है। कार्यशाला में विशेषज्ञ विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।डॉ. कोठारी ने कहा कि विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद नवाचारों के माध्यम से मध्यप्रदेश के विकास के लिए हर स्तर पर सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी दक्षता के साथ आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें वैश्विक तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, भोपाल के निदेशक श्री कैलाशा राव ने कहा कि ड्रोन तकनीक अधोसंरचना विकास में अहम भूमिका निभा रही है। उज्जैन सहित प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों के मानचित्रण में ड्रोन तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और आम नागरिकों को ड्रोन तकनीक के विविध उपयोगों से परिचित कराने में सहायक सिद्ध होगी।

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