
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार की निवेश मित्र नीतियों और उद्योग समर्थित प्रावधानों के परिणामस्वरूप राज्य में औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में विनिर्माण इकाइयों की संख्या बढ़कर 4,26,230 तक पहुंच गई है।
- वर्ष 2022-23 में 67,332 विनिर्माण एमएसएमई पंजीकृत हुईं,
- वर्ष 2023-24 में 89,317, और
- वर्ष 2024-25 में 1,13,696 नई इकाइयों की स्थापना हुई।
प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) की संख्या निरंतर बढ़ रही है। वर्तमान में कुल 20.43 लाख एमएसएमई इकाइयाँ संचालित हो रही हैं, जिनमें —
- 20.22 लाख सूक्ष्म उद्यम,
- 19,508 लघु उद्योग, और
- 1,178 मध्यम उद्यम शामिल हैं।
एमएसएमई सेक्टर में
- 21% इकाइयाँ विनिर्माण,
- 29% सेवा, और
- 50% व्यवसाय श्रेणी की हैं।
यह क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 30% योगदान दे रहा है और वर्तमान में ₹66,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित कर चुका है। इस क्षेत्र में 1 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स
मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 6,000 से अधिक हो गई है। इनमें से लगभग 2,900 (47%) स्टार्टअप्स महिला उद्यमियों द्वारा संचालित हैं, जो महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण हैं।
प्रदेश में वर्तमान में 100 से अधिक इनक्यूबेटर सक्रिय हैं —
- 7 स्मार्ट सिटी इनक्यूबेटर,
- 4 अटल इनक्यूबेशन सेंटर,
- 2 टेक्नोलॉजी बिजनेस इंटर इनक्यूबेटर,
- 1 एपेरल इनक्यूबेटर (ग्वालियर),
- 2 एग्री इनक्यूबेटर (ग्वालियर एवं जबलपुर), तथा
- 3 सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (ग्वालियर, भोपाल, इंदौर)।
RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की योजना है। इनमें से नर्मदापुरम्, विदिशा, हरदा, राजगढ़, रायसेन, अशोकनगर एवं भोपाल जिलों में एमएसएमई इनोवेशन-सह-इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री के विजन की दिशा में अग्रसर मध्यप्रदेश
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले युवा” के विजन को साकार करने हेतु मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्टार्टअप अधोसंरचना को सशक्त बना रही है।नई स्टार्टअप नीति से प्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप हब बनने की दिशा में अग्रसर है। यह न केवल युवा उद्यमियों को वैश्विक मंच प्रदान करेगी बल्कि लाखों नए रोजगार अवसर भी सृजित करेगी।स्टार्टअप ईकोसिस्टम और एमएसएमई क्षेत्र मिलकर राज्य की आर्थिक प्रगति, नवाचार और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।